लखनऊ। सदस्यों की टोकाटाकी व हंगामे के बीच जिला पंचायत में शनिवार को वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए 11.52 करोड़ का बजट पेश किया गया। इससे जिले के सभी आठ ब्लॉक के जिला पंचायत सदस्यों के वार्डों में सड़कों को दुरुस्त कराने के साथ ही हैंडपंप लगवाने के कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे।
अधूरी तैयारियों से जिला पंचायत अधिकारी की हुई फजीहत ः जिला पंचायत अध्यक्ष की अनुमति से अपर मुख्य अधिकारी ने 11 करोड़ 52 लाख 80 हजार 287 रुपये का बजट प्रस्तुत किया। इस पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन के नामित सदस्य एमएलसी महेंद्र सिंह ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के मूल बजट व इसके आधार पर अब तक हुए आय व्यय का विस्तृत ब्यौरा मुहैया कराने की मांग उठाई। जिला पंचायत अधिकारी अधूरी तैयारियों के कारण वित्तीय वर्ष 12-13 के पारित बजट के आधार पर अब तक हुए खर्च व आय का ब्यौरा देने में असमर्थता जताते रहे। इस पर नाराजगी जताते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर ने जिला पंचायत के अभिलेखों का रखरखाव करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए टालू रवैया छोड़ आय व्यय के विस्तृत अभिलेख तैयार कर सदन की अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
पुनरीक्षित बजट भी हुआ पेश ः सदन ने वर्ष 12-13 की अवशेष छमाही के लिए प्रस्तावित 14.08 करोड़ के पुनरीक्षित बजट को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद वित्तीय वर्ष 13-14 की प्रथम छमाही के लिए प्रस्तुत मूल बजट पर चर्चा करते हुए इसे भी आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कुछ नए प्रस्ताव शामिल किए जाने की संस्तुति के साथ स्वीकृति देते हुए पारित कर दिया। इसमें मुख्य तौर पर ब्लॉक स्तर पर हर ग्राम पंचायतों में पेयजल के साथ साफ सफाई की व्यवस्था और हर बच्चे को शिक्षित करने की योजनाएं संचालित करने पर जोर दिया गया है।
सदस्यों ने उठाई मांगें ः चर्चा के दौरान कई जिला पंचायत सदस्यों ने पेयजल संकट को देखते हुए हर जिला पंचायत वार्ड में स्थित ग्राम पंचायतों के आधार पर एक-एक हैंडपंप लगवाने व एक किलोमीटर तक की सड़क का निर्माण सदस्यों के प्रस्ताव पर सीधे किए जाने की मांग उठाई। बजट पर चर्चा के दौरान जिला पंचायत सदस्य मोहन कुमार ने वार्ड स्तर पर संचालित विकास व निर्माण कार्यों की निगरानी व निरीक्षण के लिए सदस्यों को अलग से डीजल अथवा पेट्रोल भत्ता दिलाए जाने की मांग भी सदन में उठाई।