लखनऊ। पीजीआई क्षेत्र में सोमवार को नशे में धुत जिला जेल में डिप्टी जेलर ने एक अस्पताल में अपने बेटे के साथ मिलकर जमकर तोड़फोड़ व हंगामा किया। गुस्साए जेलर व उसके बेटे ने अस्पताल के मुख्य हाल में रखे कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर व शीशे सहित सारा सामान तोड़ डाला। शीशे तोड़ने में उसका हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे अस्पताल के निदेशक, सीओ, एसओ ने मामला शांत कराया। पुलिस ने डिप्टी जेलर को मेडिकल परीक्षण के भेज दिया। वहीं, देर रात अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी ने काउंटर में रखे 20 हजार रुपये लूटने, तोड़फोड़ सहित पांच लाख रुपये का नुकसान करने की लिखित तहरीर दी। पुलिस तहरीर लेकर मामले की पड़ताल कर रही है। वह पत्नी संग अपने बेटे के जख्मी पैरों की ड्रेसिंग कराने आया था।
पुलिस के मुताबिक, पीजीआई के वृंदावन कालोनी सेक्टर पांच निवासी विजय कुमार पांडेय लखनऊ जिला जेल में डिप्टी जेलर हैं। सोमवार की रात वह पत्नी संग अपने चोटिल लड़के निशांत पांडेय केपैरों की ड्रेसिंग कराने पहुंचे। ड्रेसिंग कराने के बाद जब वहां मौजूद कर्मचारी ने 100 रुपये की रसीद कटाने को कहा। तो वह उस पर उखड़ पड़े व हाथापाई पर उतर आए। वहां मौजूद कर्मचारी जब बीचबचाव करने आए तो रौब गांठते हुए गाली गलौज पर उतर आए। कर्मचारियों के मुताबिक, डिप्टी जेलर ने जमकर शराब पी रखी थी। इसके बाद डिप्टी जेलर व उसके लड़के ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया व मुख्य हाल में रखे पांच कंप्यूटर, एक लैपटॉप, प्रिंटर व वहां लगे शीशे को तोड़ डाला। जिसमें उस दोनों के हाथ बुरी तरह घायल होे गए। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना निदेशक व पुलिस को दी। आननफानन में अस्पताल के निदेशक अनुराग सिंह, प्रशासनिक अधिकारी अमित सिंह, सीओ डा. संजय कुमार व एसओ अरविंद पांडेय मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचकर डिप्टी जेलर व उसके लड़के को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने जेलर को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। बाद में प्रशासनिक अधिकारी अमित सिंह ने डिप्टी जेलर के खिलाफ कैश काउंटर में रखे बीस हजार रुपये लूट, पांच कंप्यूटर, एक लैपटॉप व प्रिंटर सहित पांच लाख के नुकसान व तोड़फोड़ की लिखित तहरीर दी है। पुलिस तहरीर लेकर मामले की जांच पड़ताल कर रही है।