लखनऊ। राजधानी के हुसैनगंज क्षेत्र में बिजली चोरी के आरोप के सदमे से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। उन्होंने बिजली चोरी के शमन शुल्क की अदायगी तो की थी लेकिन जब असेसमेंट बिल चुकाने का दबाव पड़ा तो उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। यह आरोप मृतक के बेटों ने लगाया है। मुख्य अभियंता ने इस प्रकरण की जांच की बात कही है।
हुसैनगंज क्षेत्र में मकान नंबर 60/109 जौहरी की गढ़ैया निवासी व केंद्रीय जल आयोग से रिटायर्ड महफूज अली के बेटों आजाद और आबाद ने इस संबंध में उपभोक्ता परिषद से लिखित में शिकायत की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस बात की पुष्टि ‘अमर उजाला’ से की। शिकायत-पत्र के अनुसार 15 जनवरी को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की टीम ने महफूज अली के घर में लगे बिजली मीटर को हथौड़े से तोड़ दिया। उसमें शंट लगा होने का दावा करते हुए तीन किलोवाट विद्युत लोड पर बिजली चोरी का आरोप लगाया और शमन शुल्क देने का दबाव बनाया। पत्र में कहा गया है कि महफूज अली की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने 12 हजार रुपए शमन शुल्क भरा। इसके बाद से ही महफूज बीमार रहने लगे। 30 जनवरी को हुसैनगंज खंड से तीन-चार कर्मचारी फिर आए और 50 हजार रुपए का बिजली बिल थमाते हुए जल्द से जल्द उसे जमा कराने की चेतावनी दी। इसके कुछ समय बाद ही महफूज अली को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। वर्मा ने इस प्रकरण को सोमवार को विद्युत नियामक आयोग के समक्ष उठाने की बात कही है। दूसरी तरफ मुख्य अभियंता प्रदीप टंडन ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही साबित हुआ तो लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
150 वर्गफीट के मकान में 292 यूनिट की बिजली खपत!
मृतक महफूज अली महज 150 वर्गफीट की जमीन पर बने मकान में अपना गुजर-बसर कर रहा था। आश्चर्य की बात ये है कि जनवरी में मीटर में एक महीने की बिजली खपत 292 यूनिट थी। मृतक के बेटों ने आरोप लगाया कि एक किलोवाट के कनेक्शन को कुछ साल पहले जबर्दस्ती दो किलोवाट का कर दिया गया था। उन्होंने पिता को बिजली चोरी में फंसाने का भी आरोप लगाया।