लखनऊ। ठाकुरगंज के कल्याणपुरी इलाके में रविवार दोपहर शॉर्टसर्किट से कोल्डस्टोरेज में आग लग गई। इससे कोल्डस्टोरेज में भगदड़ मच गई और कर्मचारी भागकर बाहर आ गए। आग से कोल्डस्टोरेज का एक चैंबर जलकर राख हो गया। चौक, हजरतगंज व आलमबाग फायर स्टेशन की सात गाड़ियों को आग बुझाने में पांच घंटे लगे। सुलगती बोरियां देररात फिर धधक उठीं। दमकल दस्ता पहुंचने से पहले लपटें आसमान छूने लगी। आग को अमोनिया के टैंक की तरफ बढ़ते देख इलाके में भगदड़ मच गई। थोड़ी देर में मौके पर पहुंची फायरब्रिगेड की छह गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। अग्निकांड में लाखों की कीमत की लालमिर्च, धनिया, बारदाना व अन्य सामान स्वाहा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, चौक के राजाबाजार निवासी हर्ष कुमार रस्तोगी का ठाकुरगंज के हरदोई रोड स्थित कल्याणपुरी में कुमार कोल्ड स्टोरेज है। हर्ष की मानें तो कोल्ड स्टोरेज में हॉलनुमा सात चैंबर बनाए गए हैं, जिनमें किसानों व व्यापारियों का लाखों का माल भरा है। कोल्ड स्टोरेज में 35-40 कर्मचारी काम करते हैं। रविवार दोपहर डेढ़ बजे कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर राम कुमार शुक्ला ने धुआं निकलते देखा तो कर्मचारियों को बताया। आग लगने के बारे में पता चलते ही वहां काम कर रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई और वे भागकर बाहर आ गए। मैनेजर की सूचना पर चौक, हजरतगंज व आलमबाग क्षेत्र से सात दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। कोल्ड स्टोरेज में पानी पहुंचाने का पर्याप्त स्थान न होने के कारण दमकलकर्मियों को काफी दिक्कत हुई। ऐसे में वे कोल्ड स्टोरेज के टिनशेड पर चढ़ गए। टिनशेड तोड़ने के बाद दमकलकर्मियों ने चैंबर की दीवार तोड़ी। वहां बोरे में भरी सूखी लालमिर्च व धनिया रखी थी। बकौल एफएसओ राम सुमेर त्रिपाठी कोल्ड स्टोरेज में पानी पहुंचाने के लिए पर्याप्त स्थान न होने के चलते काफी देर तक आग सुलगती रही। दीवार तोड़ने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। शुक्र था कि लपटें कोल्ड स्टोरेज के अन्य चैम्बर तक नहीं पहुंची अन्यथा और मुश्किल होती।
बिजली काटने से हो गया था अंधेरा
मैनेजर राम कुमार शुक्ला ने आग लगने पर एहतियातन कोल्ड स्टोरेज की बिजली काट दी थी। इस कारण कोल्ड स्टोरेज में लगा हाइडेंट सिस्टम चालू नहीं हो पाया और अंदर अंधेरा छा गया। दमकलकर्मियों ने टिनशेड तोड़ दिया, जिससे रोशनी मिली और आग बुझाने में आसानी हुई।
फिर भड़की लपटें, हड़कंप
कुमार कोल्डस्टोरेज की आग बुझाकर दमकल दस्ता लौट गया लेकिन धुआं उठता रहा। देर रात आग फिर से भड़क उठी। फायरब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचने से पहले लपटें आसमान छूने लगी। आग का विकराल रूप देख इलाके में हड़कंप मच गया। दमकल दस्ता आग बुझाने में जुटा था तो लोग थोड़ी दूर स्थित अमोनिया के टैंक को लेकर सशंकित हो गए। अग्निकांड में यह टैंक फटने का डर लगने लगा। बड़े हादसे के अंदेशा के चलते फायरब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर जा पहुंची। आग को काबू में करने का प्रयास शुरू हुआ। चौक फायर स्टेशन के अधिकारी रामसुमेर त्रिपाठी ने बताया कि बोरों के ढेर के नीचे आग सुगल रही थी। पानी की मात्रा कम होने पर आग दुबारा भड़क उठी। छह गाड़ियों की मदद से उस पर काबू पा लिया गया है।