बीकेटी। इटौंजा इलाके के अर्जुनपुर गांव में शुक्रवार रात खुद को पुलिस वाला बताते हुए सशस्त्र बदमाशों ने चाय विक्रेता के घर धावा बोला। पूरे परिवार को बंधक बनाकर पीटा और नगदी, गहने व अन्य माल लूटकर भाग निकले। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर घायल को अस्पताल भेजा और तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। इटौंजा के गांव अर्जुनपुर निवासी चाय विक्रेता उदयराज सिंह उर्फ मुन्ना के घर शुक्रवार रात ढाई बजे पांच-छह असलहाधारी बदमाशों ने धावा बोला। खुद को पुलिस वाला बताकर घर में घुसे बदमाशों ने उदयराज, उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी, पुत्र संजय, पुत्री आकांक्षा सिंह को बंधक बनाकर लाठी-डंडे से पीटा। इसके बाद घर में रखे बक्से खंगालकर चार हजार रुपए, गहने, तीन मोबाइल, कपड़े, टार्च व अन्य सामान लूट लिया। इस बीच उदयराज बदमाशों को चकमा देकर घर के बाहर निकला और शोर मचाने लगा। चीखपुकार सुनकर आसपास के लोगों को जुटने से पहले बदमाश माल बटोरकर भाग निकले। सूचना पर अर्जुनपुर चौराहे पर पिकेट के सिपाही मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को सूचना दी। थोड़ी देर में सीओ बीकेटी व इटौंजा और बीकेटी थाने की पुलिस भी पहुंची। एसओ इटौंजा विनोद कुमार यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके तहकीकात की जा रही है। घायलों को अस्पताल भेजने के साथ तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
फायरिंंग की आवाज पर भी नहीं चेती पुलिस ः ग्रामीणों ने बताया कि अर्जुनपुर गांव में चाय विक्रेता के घर पर बदमाशों की लूटपाट से दो घंटा पहले मंडौली व बरगदी गांव के बीच फायरिंग की आवाज हुई थी। इसे अर्जुनपुर चौराहे पर मौजूद पुलिस पिकेट के सिपाहियों व होमगार्डों ने भी सुना लेकिन लापरवाह बने रहे। फायरिंग की आवाज पर अगर अर्जुनपुर चौराहे की पुलिस पिकेट सक्रिय हो जाती तो बदमाश चाय विक्रेता के घर धावा बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। फायरिंग का भी रहस्य उजागर नहीं हो सका है।
दो माह पहले बारह दुकानों में हुई थी चोरी ः अर्जुनपुर चौराहे पर 15 नवंबर को बदमाश 12 दुकानों व एक सरकारी स्कूल से हजारों का सामान उठा ले गए थे। उस समय भी अर्जुनपुर चौराहे के पिकेट पर एक सिपाही व एक होमगार्ड की ड्यूटी लगी थी। लापरवाही उजागर होने पर सिपाही को लाइन हाजिर व होमगार्ड को ड्यूटी से हटाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।