लखनऊ। काकोरी के गांव मंडौली में एक महिला पर पति के साथ जाने का दबाव बनाने पहुंचे दुबग्गा चौकी के सिपाही और होमगार्ड की लोगों ने पिटाई कर दी। सरकारी रायफल छीनकर दोनों को बंधक बना लिया। थाने से पहुंची पुलिस टीम ने दोनों को छुड़ाया और चार लोगों को शांतिभंग के आरोप में बंदी बना लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गांव बरावनकलां के राजेंद्र की शिकायत पर दुबग्गा चौकी पर तैनात कॉन्स्टेबल अनिल यादव और होमगार्ड छेदीलाल ने गांव मंडौली में नंदू के घर दस्तक दी। उसके साथ रह रही महिला पर पति राजेंद्र के साथ जाने के लिए दबाव बनाया। महिला ने इसका विरोध किया और पिता गुरु प्रसाद व भाई मनोज को बुला लाई। उन लोगों की सिपाही और होमगार्ड से नोकझोंक होने लगी। हड़काने का प्रयास कर रहे सिपाही और होमगार्ड पर लोगों ने हमला बोल दिया। रायफल छीनने के साथ दोनों की पिटाई की और उन्हें बंधक बना लिया। सिपाही ने थाने फोन करके जानकारी दी। थोड़ी देर में काकोरी थाने के एसएसआई तमाम फोर्स लेकर पहुंचे। अनिल और छेदीलाल को छुड़ाने के साथ रायफल वापस दिलाई। इसके बाद नंदू, गुरु प्रसाद और उसके बेटे मनोज को पकड़कर थाने ले गई। वहां राजेंद्र को भी उनके साथ शांतिभंग के आरोप में बंदी बना लिया। इधर, सिपाही और होमगार्ड को बंधक बनाकर पीटने व रायफल छीनने के आरोप से एसओ काकोरी ने इनकार किया है। उनका कहना है कि गुरु प्रसाद ने कई साल पहले अपनी बेटी की शादी बरावनकलां के राजेंद्र से करवाई थी। कुछ समय बाद पति से अनबन होने पर महिला ने हयात नगर के नंदू का हाथ थाम लिया और मंडौली में अपने मायके के पास घर बनाकर नंदू के साथ ही रहने लगी। राजेंद्र अपनी पत्नी को वापस लाने गया था। उस दौरान झगड़ा हो गया।