लखनऊ। सर! मेरे बेटे की हाईस्कूल की परीक्षाएं मार्च से शुरू हो रही हैं। मुझे उसकी तैयारी करानी है। कृपया तीन महीने का अवकाश स्वीकृत कर दें...। नया साल शुरू होने के साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में छुट्टी के लिए ऐसे आवेदनों का अंबार लगने लगा है। चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) के लिए आवेदन करने वालों में शिक्षिकाओं की संख्या ज्यादा होने से राजधानी के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
राजधानी में 1840 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें करीब छह हजार शिक्षक-शिक्षकाएं पढ़ाते हैं। 80 फीसदी सिर्फ शिक्षिकाएं ही है। शिक्षिकाओं के लिए कार्यकाल के दौरान दो साल से ज्यादा चाइल्ड केयर लीव की व्यवस्था है। इसका इस्तेमाल करते हुए अभी तक कई शिक्षिकाओं ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अवकाश के लिए आवेदन दिए हैं। एक साथ इतने आवेदनों से अफसर परेशान हो गए हैं। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए जिम्मेदार काफी मशक्कत कर रहे हैं। जरूरत के मद्देनजर फिलहाल अवकाश न देने का फैसला किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सर्वदानंद ने बताया कि शिक्षिकाओं को उनकी जरूरत और स्कूल की स्थिति को देखते हुए ही छुट्टी दी जा रही है।