लखनऊ। कैसरबाग क्षेत्र में दो ठगों ने साइकिल से जा रहे नौवीं के छात्र को रोका। खुद को खादिम बता रहे ठगों ने जिन्न का खौफ दिखाया। परिवार को मुसीबत के बचाने की बात कहकर उससे गहने मंगाए और 22 लाख का माल बटोरकर चंपत हो गए। दो दिन बाद ठगी की जानकारी पर परिवार वालों ने पुलिस से शिकायत की है। कुंडरी रकाबगंज निवासी आरामशीन संचालक व फर्नीचर व्यवसायी फुरकान सिद्दीकी का बेटा दानिश (14) सीएमएस की राजेंद्रनगर शाखा में नवीं का छात्र है। स्कूल में छुट्टी के चलते वह 22 दिसंबर को नावेल्टी तक घूमने के इरादे से साइकिल लेकर घर से निकला। लालबाग में एक अजनबी युवक ने उसे रोककर नाम पूछा। इस बीच एक अन्य युवक भी आ गया। दोनों ने खुद को खादिम बताते हुए पूछा कि एक महीने पहले तुम्हारे पिता एक्सीडेंट हुआ था। दानिश के हां कहते ही युवकों ने कहा कि तुम्हारे घर पर जिन्नात का साया है। तुम्हारी मां चांदनी रात में छत पर खड़ी थी, उस दौरान जिन्नात उनके गहनों में आ गए। अगर भगाने न गया तो पूरा परिवार तबाह हो जाएगा। अजनबी ने दानिश पर विश्वास जमाते हुए कहा कि वह खुद भी जिन्नात को भगा सकता है लेकिन जरा सी गड़बड़ी में जान भी जा सकती है। अजनबी ने कहा कि 24 घंटे के लिए घर के गहने ले आए। किसी से जिक्र न करने की हिदायत दी।
परिवार की तबाही की बात सुनकर बुरी तरह सहमा दानिश घर गया। इसके बाद अजनबी ने उसे तीन बार कॉल करके हिदायत के साथ जिन्नात का खौफ दिखाया। अगले दिन दानिश ने सोने के पांच सेट, दर्जन भर अंगूठी, सोने की चूड़ियां, चांदी के गहने समेत 22 लाख का माल अपने बस्ते में भरा और कैसरबाग चौराहा पर आनंद सिनेमा के पास खड़े व्यक्ति को गहने सौंप दिए। उसने कहा कि 24 घंटे में जिन्नात को गहनों से भगा देगा। अगले दिन दानिश गहने लेने पहुंचा। काफी देर तक चौराहे पर खड़ा इंतजार करता रहा। फिर गलती का अहसास होने पर घर लौटा और परिवार वालों को जानकारी दे दी। लाखों के गहने लुटने की जानकारी से परिवार में हाहाकार मच गया। फुरकान अपने बेटे को साथ लेकर कैसरबाग कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने कहानी फर्जी मानते हुए उन्हें टरका दिया। उन्होंने दानिश को घर ले जाकर दुबारा पूछताछ की। फिर ठगों का हुलिया बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने के बजाय जांच का आश्वासन देकर टरका दिया।