लखनऊ। श्रीराम मूर्ति मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन देवमूर्ति जेल जाने से पहले सीने में दर्द बताकर बुधवार को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी पहुंच गए। इमरजेंसी से डॉक्टरों ने जांच कराने लिए आईसीयू भेजा। तेज कदम से देवमूर्ति आईसीयू में जाकर बेड पर लेट गए। यहां डॉक्टरों ने ईसीजी करने के लगभग चार घंटे बाद केजीएमयू (लारी कार्डियोलॉजी) रेफर कर दिया।
मेडिकल सीटों की मान्यता में फर्जीवाड़ा करने का आरोपी देवमूर्ति सीने में दर्द बता कर बुधवार सुबह अपने एक दर्जन से अधिक लोगों के साथ बलरामपुर अस्पताल पहुंच गया। पुलिस सुरक्षा में सफेद कुर्ता पैजामा पहने देवमूर्ति सीधे इमरजेंसी चिकित्साधिकारी (ईएमओ) के कमरे में पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने उसे देखा और मामला समझ में न आने पर ईसीजी के लिए भेज दिया। उसके बाद देवमूर्ति लंबे कदमों से खुद ही आईसीयू में जाकर भर्ती हो गए। न्यायालय से बयान लेने पहुंचे लोगों के सामने देवमूर्ति कराहने लगा। उसे देखने के लिए कई वरिष्ठ चिकित्सक आईसीयू पहुंचने लगे। इसका आईसीयू में तैनात स्टाफ ने विरोध किया। जानकारी मिलते ही अस्पताल के निदेशक डॉ. टीपी सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि एसआरएम कॉलेज के चेयरमैन देवमूर्ति की ईसीजी जांच कराई गई। जिसके बाद उन्हें लारी कार्डियोलॉजी के लिए रेफर कर दिया है। लारी कार्डियोलॉजी के हेड प्रो. आर.के. सरन के अनुसार चार बजे पहुंचे देवमूर्ति की जांच की गई लेकिन उन्हें हृदय रोग से पीड़ित न होने के कारण भर्ती नहीं किया गया।