लखनऊ। आईआईएम लखनऊ के 2003 बैच के छात्र रहे मंजुनाथ शंमुगम की याद में आईआईएम में कैंडल मार्च का आयोजन किया। मोमबत्ती को रौशनी में जहां प्रबंध के छात्रों ने मंजूनाथ की स्मृतियां ताजा की वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को अनवरत जारी रखने का संकल्प लिया।
आईआईएम परिसर स्थित कॉफी स्टॉल से कैंडल मार्च सोमवार शाम 6 बजे शुरू हुआ। 200 से अधिक प्रबंधन छात्रों के साथ शिक्षक भी मार्च में शामिल थे। छात्रों ने मंजुनाथ शंमुगम की स्मृति में एक मिनट का मौन रखा और ईमानदारी एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। आईआईएम लखनऊ के 2003 बैच के मेधावी छात्र मंजुनाथ शंमुगम की हत्या 19 नवंबर 2005 को लखीमपुर खीरी जिले हुई थी। मंजुनाथ ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड में जॉब शुरू की था। लखीमपुर जिले में तैनाती के दौरान मंजुनाथ ने जब घटतौली के साथ मिलावटी पेट्रोल बेचने पर लगाम कसी तो पहले उन्हें भय दिखा कर चुप कराने की कोशिश की। बात न बनती देख पेट्रोल पंप मालिक के इशारों पर मंजुनाथ की गोली मार कर हत्या करवा दी गई थी। बाद में आईआईएम के छात्रों व कई सामाजिक संगठनों द्वारा मंजुनाथ को न्याय दिलाने के लिए लड़ी गई लंबी लड़ाई के बाद ही हत्या करने व कराने वाले गिरफ्त में आए व उन्हें कड़ी सजा भी मिली।