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नवजात का वजन अधिक तो हो जाएं सावधान

Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
Lucknow
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लखनऊ। भोजन और व्यायाम का अनुशासन ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि किसी महिला को अधिक वजन का बच्चा होता है तो हो सकता है कि उस महिला को डायबिटीज हो या फिर भविष्य में होने की संभावना है। इसलिए बहुत अधिक वजन का बच्चा होना भी सेहत के लिए सही नहीं है। यह जानकारी रविवार को साइंस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यूपी डायबिटीज एसोसिएशन के 11वीं वार्षिक अधिवेशन में डॉ. बृजमोहन ने दी। कानपुर से आए डॉ. बृजमोहन ने बताया कि महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज होती है। वहीं, ऐसी महिलाएं भी होती हैं जिन्हें डायबिटीज पहले से भी होती है। ऐसे मामलों में होने वाले बच्चे को 15 से 18 गुना ज्यादा डायबिटीज होने की संभावना होती है। ऐसी महिलाओं में डायबिटीज को नियंत्रित कर गर्भस्थ बच्चे को डायबिटीज की गंभीरता से बचाया जा सकता है। एसोसिएशन के सचिव प्रो.नरसिंह वर्मा ने बताया कि दिसंबर से प्रदेश के आठ जिलों में डायबिटीज के मरीजों की घर-घर जाकर जांच की जाएगी। इसमें मरीजों की एचबीए1सी जांच की जाएगी। इससे उनका 90 दिन का डायबिटीज का इतिहास मिल जाएगा। इससे मरीज की सही पहचान हो सकेगी। ये जांच लखनऊ, वाराणसी, आगरा, कानपुर, फैजाबाद, झांसी, गाजियाबाद और गोरखपुर में होगी। इससे यूपी में डायबिटीज की भयावहता का अंदाजा लग जाएगा। कर्नल एम.के.गर्ग ने बताया कि बच्चों को टाइप वन डायबिटीज जलदी हो सकती है। इसके लक्षण भी उनमें दिखने लगते हैं। इसलिए ऐसे बच्चों पर लगातार नजर रखना जरूरी है। विशेषज्ञों ने बताया कि उम्र के साथ डायबिटीज को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। अनियंत्रित डायबिटीज से ग्लूकोटॉक्सिटी से इंसुलिन बनाने वालीं कोशिकाएं तेजी से मरती हैं। डायबिटीज के मरीजों को रेटिनोपैथी (आंखों के पर्दे की खराबी), हृदय रोग, गुर्दे की निष्क्रियता, न्यूरोपैथी (तंत्रिका तंत्र में खराबी) भी हो सकती है। इसलिए डायबिटीज के साथ-साथ इन रोगों की जांच भी कराते रहना बहुत जरूरी है।
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आयुर्वेद में मधुमेह का इलाज ः
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. देवेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आयुर्वेद में हजारों साल पहले ही 20 प्रकार के प्रमेह की खोज कर ली गई थी। जिसमें से एक मधुमेह अर्थात डायबिटीज है। आयुर्वेद में इसे महारोग कहा गया है, क्योंकि यह रोग शरीर के अन्य अंगों के कार्य करने की शक्ति कम कर देता है। मधुमेह रोगी का सर्वप्रथम अन्त:शोधन जरूरी है। इसके बाद एक्यू मसाज, योग एवं आयुर्वेदिक औषधियों से रोगी का इलाज किया जाता है। मधुमेह में गुडमार, गिलोय, शिलाजीत, चिरायता, नीम, आंवला, बेल, करीपत्ता, हल्दी, प्याज, लहसुन, जामुन, करेला फायदेमंद है।
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नि:शुल्क हुईं पैथोलॉजी जांचें ः निराला नगर स्थित पैथोलॉजी में डायबिटीज जांच शिविर में 146 व्यक्तियों ने जांच कराई। निदेशक डॉ.बंदना मेहरोत्रा ने बताया कि मुख्य शाखा में रविवार को सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक आयोजित शिविर में ब्लड शुगर, ग्लाइको स्लेटेड एचबीए1 समेत तमाम महत्वपूर्ण जांचों की नि:शुल्क सुविधा प्रदान की गई। बढ़ी हुई शुगर या बार्डर लाइन पर पहुंच चुके लोगों को लाइफ स्टाइल सुधारने का परामर्श दिया गया।
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