लखनऊ। रेलवे बोर्ड ने अपने नए नियमों में समूह में सफर करने वाले यात्रियों को राहत देने का प्रयास किया है। इसके तहत समूह में सफर करने वाले कुल यात्रियों के अनुपात में दस फीसदी यात्रियों के नामों में परिवर्तन कराया जा सकेगा। साथ ही सरकारी कर्मचारी व अधिकारी अपने अन्य साथी को विभागीय अनुमति के बाद नाम परिवर्तित कराकर अपने स्थान पर भेज सकेंगे। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक स्काउट एंड गाइड, विद्यार्थियों का समूह, बाराती, एनसीसी दल के कुल सदस्यों में से दस फीसदी यात्रियों के नामों में परिवर्तन हो सकता है। इसके लिए वाणिज्य अधिकारियों के नाम प्रार्थना पत्र देकर संबंधित पार्टी को पुराने व नए नामों का ब्योरा प्रस्तुत करना होगा। प्रार्थना पत्र में अनुमति मिलने के बाद पार्टी आरक्षण केंद्रों में नामों में परिवर्तन करा सकेगा। बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सदस्यों में खून का रिश्ता होने पर पूर्व की तरह नामों में परिवर्तन मान्य होगा।