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लखनऊ में बनेगा एशिया का सबसे बेहतर कैंसर संस्थान

Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
Lucknow
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लखनऊ। प्रदेश में उच्च स्तरीय कैंसर संस्थान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए सुल्तानपुर रोड पर शहीद पथ के पास 14 एकड़ जमीन तलाश ली गई है। इस कैंसर संस्थान को एशिया का सबसे बेहतर संस्थान बनाने केलिए इसे टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान, मुबंई और राजीव गांधी कैंसर संस्थान, दिल्ली, आईडीआर, चेन्नई और एम्स के रोटरी कैंसर हास्पीटल में मौजूद सुविधाओं से बेहतर बनाया जाएगा। इन सभी संस्थानों का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जल्दी ही इसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केपास अंतिम मंजूरी केलिए भेजा जाएगा।
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इस प्रस्ताव को जेके कैंसर इंस्टीट्यूट कानपुर के निदेशक डा.एके दीक्षित ने चारों कैंसर संस्थानों का अध्ययन कर तैयार किया है। डा.दीक्षित बताते हैं कि यह संस्थान ऐसा बनाया जा रहा है जो एशिया में अपने आप में अनूठा होगा। इस संस्थान के भवन के लिए 100 करोड़, उपकरणों केलिए 1000 करोड़ और प्रति वर्ष संस्थान के खर्च केलिए 150 करोड़ रुपए मांगे गए हैं। ग्यारह मंजिला इमारत में इसमें हर फ्लोर पर ओपीडी होगी। इसके अलावा कैंसर की रेडियोथेरेपी केलिए चार स्टेट आफ द आर्ट लीनियर एक्सीरिरेटर मशीनें लगायी जाएंगी। इस संस्थान को उत्तर भारत में मुंह केकैंसर की भयावहता को देखते हुए उस पर खास ध्यान दिया जाएगा।
हर कैंसर का होगा अलग विभाग ः इस संस्थान में ओरल कैंसर, स्तन कैंसर, स्त्री रोग कैंसर, मस्तिष्क कैंसर, रेडिएशन आंकोलाजी, सर्जिकल मेडिसिन, न्यूक्लियर मेडिसिन, पैथालाजी, रेडियोडायग्नोसिस, पैथालाजी, कैंसर रिहबिलिटेशन, मेडिकल फीजिक्स, मेडिकल इंजीनियरिंग, टर्नल केयर विभाग और हास्पाइस विभाग होगा। इसकेअलावा कैंसर एजूकेशन का भी अलग विभाग होगा।
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एमडी और पैरामेडिकल की होगी पढ़ाई ः इस संस्थान में कैंसर आंकोलाजी में हर साल एमडी की पढ़ाई की जाएगी। इसके अलावा कैंसर का विशेषज्ञ पैरामेडिकल स्टाफ तैयार करने के लिए पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट खोला जाएगा। जल्दी ही आंकोलाजी में विशेषज्ञता वाले टेकभनीशियन भी यही संस्थान तैयार करेगा।
गरीबों का होगा मुफ्त इलाज ः इस संस्थान को ऐसे प्रस्तावित किया जा रहा है ताकि इसमें गरीबों का मुफ्त या बिल्कुल कम खर्च पर इलाज किया जा सके। दरअसल टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान गरीबों को कम खर्च में इलाज मुहैया कराता है, लेकिन वह उच्च आय वालों केलिए महंगा इलाज भी देता है। वहीं केंद्र सरकार का एटामिक एनर्जी विभाग भी टाटा संस्थान को 277 करोड़ रुपए सालाना देता है। इसी के हिसाब को ध्यान में रखकर सरकार मदद करेगी तभी गरीबों केलिए सस्ता इलाज मुहैया कराया जा सकेगा।
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