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सिर्फ बोरियां बदल बांट दिया सड़ा गेहूं

Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
Lucknow
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लखनऊ। बरसात में भीगकर खराब हुए गेहूं को गरीबों का निवाला बनाने के खुलासे के बाद भी प्रशासन की संवेदनहीनता कायम रही। अधिकारियों ने फंफूद लगी बोरियों को बदलकर बस नई बोरियों में गेहूं भरा दिया और उसे वितरण के लिए कोटेदारों को दे दिया। ऐसे में अब गरीबों को सड़ा गेहूं ही नसीब होगा।
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कोटेदारों को सड़ा गेहूं देने को लेकर रविवार को मचे हंगामे के बाद आवश्यक वस्तु वितरण निगम के जिला प्रबंधक सैयद काजिम रजा व एसडीएम मोहनलालगंज सीएल मिश्रा सोमवार सुबह मऊ स्थित भंडारण केंद्र पहुंचे। थोड़ी-बहुत पड़ताल के बाद फंफूद लगी बोरियों को अलग कराया। गेहूं की उल्टा-पलटी के नाम पर बोरियां बदली गईं और अधकचरी सफाई के बाद तैयार बोरियों को निगोहा स्थिति राशन दुकानों के कोटेदारों को वितरण के लिए दे दिया गया। निगम के जिला प्रबंधक रजा का दावा था कि गोदाम में रखी कुछ बोरियों में ही फंफूद लगी थी पर उसमें रखा गेहूं खराब नहीं था, इसीलिए गेहूं की साफ-सफाई करा नई बोरियों में पैक करा वितरण के लिए कोटेदारों को दे दिया गया। दूसरी तरफ, एसडीएम छोटेलाल मिश्रा ने कहा कि गोदाम से कोटेदारों को सड़ा गेहूं वितरित किए जाने की वह अपने स्तर से जांच कर रहे हैं। इसमें बरसात के दौरान गोदाम प्रभारी की लापरवाही से कैसे गेहूं भीगा, एडीएम आपूर्ति के निर्देश के बाद भी भीगे गेहूं की बोरियां गोदाम से न हटाकर इनकी सप्लाई क्यों हुई, जैसे अहम बिन्दु शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में वह अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर सीधे कार्रवाई की संस्तुति के साथ डीएम व निगम के एमडी को भेजेंगे।
रात में रखवा दिया सही गेहूं ः मऊ स्थित निगम के भंडारण केंद्र में रखे सड़े गेहूं को गोदाम परिसर से हटाने का खेल भी प्रभारी व क्षेत्रीय आढ़तियों की सेटिंग से हुआ। पहले से ही जांच में फंसे गोदाम कर्मियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए रविवार देर रात गुपचुप तरीके से मऊ के तीन प्रमुख आढ़तियों को बुला गोदाम में सड़े गेहूं को हटवा उनकी जगह नई बोरियों में कुछ अच्छा तो कुछ खराब गेहूं मिलवाकर रखवा दिया। इसी का नतीजा था कि जब सुबह निगम के जिला प्रबंधक व एसडीएम गोदाम में पहुंचे तो अंदर का नजारा बदला नजर आया। जांच के दौरान सिर्फ 40 बोरियां ही ऐसी मिलीं, जिनका एक तरफ का हिस्सा तो फंफूदी युक्त नजर आया, जबकि पलटाई के दौरान गेहूं सूखा व साफ निकला।
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‘अमर उजाला’ ने जताई थी आशंका ः मोहनलालगंज ब्लॉक में राशन की दुकानों को वितरण के लिए दिए जाने वाले गेहूं की सैकड़ों बोरियां लापरवाही के कारण सात सितंबर को हुई बारिश में भीग गईं थीं। आवश्यक वस्तु वितरण निगम के गोदाम के बाहर खुले में रखी इन बोरियों के भीग जाने से करीब ढाई सौ कुंतल गेहूं के खराब होने व इसे ही वितरण के लिए कोटेदारों को देने की आशंका ‘अमर उजाला’ ने 8 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
क्षमता 300 की भंडारण 550 कुंतल ः मऊ स्थित निगम के भंडारण केंद्र की क्षमता तीन सौ कुंतल अनाज को छत के नीचे रखने की है, लेकिन गोदाम प्रभारी हर महीने की भाग-दौड़ से बचने के लिए वितरण के लिए माह में कुल आवंटित 550 कुंतल गेहूं की एक साथ उठान कर इलाके के संबद्ध 95 राशन कोटेदारों को वितरित करते थे। इसी कारण सितंबर के पहले सप्ताह में बिना पुख्ता इंतजाम के खुले में रखीं ढाई सौ कुतंल गेहूं की बोरियां बरसात से भीग गईं थीं।
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