लखनऊ। मानकनगर क्षेत्र से मासूम आयुष के अपहरण की गुत्थी पांचवें दिन भी नहीं सुलझ सकी। पुलिस दर्जन भर से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। बच्चे की तलाश में जुटी क्राइम ब्रांच के भी हाथ खाली हैं वहीं सर्विलांस सेल को कॉल का इंतजार है। मानकनगर के सूर्यनगर निवासी रत्नेश पांडेय का इकलौता बेटा आयुष पांडेय (7) सीएमएस की आरडीएसओ शाखा में कक्षा दो का छात्र है। वह बृहस्पतिवार दोपहर छुट्टी होने पर अन्य बच्चों के साथ स्कूल से निकला। रिक्शे पर बस्ता रखते ही एक परिचित ने उसे बुलाया। थोड़ी देर बातचीत के बाद आयुष बस्ता लेकर बाइक पर सवार हो लिया। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। मानकनगर पुलिस ने रत्नेश की तहरीर पर अपहरण का मामला दर्ज करके तहकीकात शुरू की। बच्चे का कोई सुराग न लगते देख एसएसपी ने क्राइम ब्रांच व सर्विलांस सेल को भी आयुष की तलाश के आदेश दिए। पुलिस ने संपत्ति विवाद व रत्नेश की रंजिशों का पता लगाया। इस आधार पर कुछ लोगों पर शिकंजा कसा लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका और न ही किसी ने रत्नेश या उसके परिवार वालों को फिरौती के लिये फोन किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार दर्जन भर से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। वहीं रहस्यमय हालात में लापता एक युवक की तलाश में पुलिस की टीम दूसरे जिले के लिये रवाना हुई है। रत्नेश ने बताया कि बेटे की तलाश में पांच दिन से विभिन्न स्थानों पर भटक रहा है। परिवार के बुजुर्गों ने दुआ ताबीज कराई है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। किसी से ऐसी रंजिश नहीं है जो उनके इकलौते बेटे के बारे में बुरा सोचे। आयुष के अपहरण की वजह भी समझ में नहीं आ रही है।