लखनऊ। ‘वो मेरा चेहरा’ जैसे चर्चित उपन्यास के रचनाकार तेजिन्दर को वर्ष 2012 का आनन्द सागर स्मृति कथाक्रम सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें तीन नवंबर को लखनऊ में आयोजित कथाक्रम समारोह में प्रदान किया जाएगा। तेजिन्दर के चयन के निर्णय की जानकारी कार्यक्रम संयोजक और सम्मान समिति के सदस्य शैलेन्द्र सागर ने सोमवार को दी। समिति के अन्य सदस्यों में वरिष्ठ कहानीकार शिवमूर्ति, रंगकर्मी राकेश, आलोचक सुशील सिद्धार्थ और लेखिका रजनी गुप्त शामिल हैं। शैलेंद्र सागर ने बताया कि सम्मान के अंतर्गत 15 हजार रुपये सम्मान राशि, स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र प्रदान किया जाएगा। तेजिन्दर का जन्म 10 मई 1951 को जालंधर में हुआ था। उनकी शिक्षा छत्तीसगढ़ के बस्तर और रायपुर में हुई। 1990 में प्रकाशित अपने पहले महत्वपूर्ण उपन्यास ‘वो मेरा चेहरा’ से वह चर्चा में आए थे। हालांकि आलोचना के शिखर पुरुष प्रो. नामवर सिंह ने उसकी अत्यन्त सराहना की गयी। यह उपन्यास एक ऐसे सिख नवयुवक की पीड़ा और संत्रास की गाथा है जिसका पालन पोषण पंजाब के बाहर हुआ। वर्ष 2000 में प्रकाशित उनका दूसरा उपन्यास ‘काला पादरी’ भी बहुपठित उपन्यास रहा जो सरगुजा और छोटा नागपुर क्षेत्र में आदिवासियों के धर्मान्तरण पर आधारित है। 2010 में प्रकाशित ‘सीढ़ियों पर चीता’ श्रीलंका में बसे तमिल लोगों पर आधारित था। तेजिन्दर को मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी सम्मान, वागीश्वरी सम्मान, लीला स्मृति सम्मान प्रदान किया जा चुका है।
तेजिन्दर की प्रमुख कृतियां- उपन्यास-‘वो मेरा चेहरा’, ‘काला पादरी’, ‘हलो सुजीत’, ‘सीढ़ियों पर चीता’, ‘काला अजार’, कहानी संग्रह- ‘घोड़ा बादल’, कविता संग्रह-‘बच्चे अलाव ताप रहे हैं’, यात्री वृतान्त- ‘टेहरी के बहुगुणा’, ‘डायरी सागा सागा’
कथाक्रम सम्मान से सम्मानित रचनाकार - संजीव, कमलाकान्त त्रिपाठी, चन्द्रकिशोर जायसवाल, मैत्रेयी पुष्पा, दूधनाथ सिंह, ओमप्रकाश वाल्मीकि, शिवमूर्ति, असगर वजाहत, भगवान दास मोरवाल, उदय प्रकाश, प्रियंवद, मधु कांकरिया, महेश कटारे, अब्दुल बिस्मिल्लाह, स्वयंप्रकाश।