फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी को तोहफा, 7 स्टेट हाइवे को मंजूरी

Thu, 19 Dec 2013 07:36 PM IST
अजीत सिंह/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
चुनावी साल में उत्तर प्रदेश के राजमार्गों के कायाकल्प की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन


समाजवादी पार्टी की सरकार पर खास मेहरबानी दिखाते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक झटके में 7 स्टेट हाइवे को 4 लेन बनाने की मंजूरी दी है।

निजी भागीदारी के जरिए निर्माण पूरा करने के लिए दो से ढाई साल का समय दिया गया है। केंद्र ने यूपी के हाइवे को मंजूरी देने में जो तेजी दिखाई है, उसे यूपीए के सहयोगी दलों पर मेहरबानी के तौर पर देखा जा रहा है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन स्टेट हाइवे को मंजूरी दी गई है, उनमें दिल्ली-सहारनपुर- यमुनोत्री, बरेली-अल्मोडा और वाराणसी-शक्तिनगर के बीच बन रहे 4 लेन हाइवे शामिल हैं।
विज्ञापन


इनके अलावा सहारनपुर-मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर-हरदोई-लखनऊ, अलीगढ़-मथुरा और ताडीघाट- बरा के बीच 4 लेन हाईवे भी केंद्र की हरी झंडी मिल गई है।

निजी भागीदारी के जरिए बनने वाली इन सड़कों के निर्माण के एवज में 25 साल तक टोल वसूली की छूट दी जाएगी।

वित्त मंत्रालय ने यूपी में हाइवे निर्माण के लिए 20 फीसदी वित्तीय सहायता देने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से तकनीकी रिपोर्ट मांगी थी।

केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद यूपी में करीब 670 किलोमीटर से राजमार्गों को 4 लेन बनाने के काम में तेजी आने की उम्मीद है। योजना के तहत यूपी के अन्य तीन हाइवे को भी मंजूरी मिल सकती है।

राज्यों में निजी भागीदारी में स्टेट हाइवे के निर्माण के लिए केंद्र 20 फीसदी वाईबिलिटी गैप फंडिंग देती है। उत्तर प्रदेश में ट्रेफिक की कमी को देखते हुए टोल से इस खर्च को पूरा करना आसान नहीं है। इसलिए केंद्र की अतिरिक्त फंडिंग जरूरी है।

डेवलपर जुटाना हुआ मुश्किल
स्टेट हाइवे के निर्माण के लिए डेवलपरों की तलाश यूपी सरकार के लिए मुश्किल हो रही है। इसके लिए राज्य राजमार्ग प्राधिकरण ने गत सितंबर में निविदाएं मांगी थी, लेकिन इनके खुलने की तारीख कई बार बढ़ाई जा चुकी है।
विज्ञापन


अब ये निविदाएं 3 जनवरी को खुलेंगी और उसके बाद ही कनशेसनर (निर्माणकर्ता) का चयन किया जाएगा। प्राइवेट डेवलपर हाईवे निर्माण की कई शर्तों पर कई आपत्ति जाहिर कर चुके हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें