यह ऐसी शादी है, जो 48 घंटे भी नहीं चल पाई। दूल्हे ने दुल्हन को अपने साथ रखने से साफ इंकार कर दिया।
पंचायत ने नवदंपति की बात को सुनने के बाद फरमान जारी किया कि दुल्हन की दूसरी शादी के लिए दूल्हा पक्ष दो लाख रुपये का जुर्माना देगा।
इस फैसले को स्वीकार कर दूल्हा पक्ष लौट गया।
शादी और अलगाव का यह मामला खतौली के भैंसी गांव का है। एक मई को मेरठ से बारात आई थी। पहली ही रात नवदंपति में ऐसी खटपट हुई कि सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाने वाले 48 घंटे में ही जुदा हो गए।
अगली ही सुबह दूल्हे ने ससुराल पक्ष के लोगों को बुलाकर दुल्हन को साथ रखने से इंकार कर दिया। यह सुनकर दुल्हन परिवार के पैरों तले की जमीन खिसक गई।
बिरादरी के लंबरदारों का भी सहारा लिया गया, लेकिन दूल्हा किसी भी कीमत पर तैयार नहीं हुआ। दुल्हन परिवार समेत वापस लौट आई।
मामला गांव की इज्जत का था, तो दूल्हा पक्ष की मौजूदगी में पंचायत हुई। पंचायत में दूल्हे ने प्र्रेम-प्रसंग के आरोप लगाए, लेकिन दुल्हन ने इस बात से साफ इंकार कर दिया।
फिर भी दूल्हा अपनी ब्याहता को साथ रखने के लिए तैयार नहीं हुआ।
पंचों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद फैसला सुनाया कि दुल्हन की दूसरी शादी के खर्च के रूप में दो लाख रुपये का जुर्माना दूल्हा पक्ष को देना होगा।
दूल्हा पक्ष ने फैसले को स्वीकारते हुए जल्द की कानूनी तौर पर तलाक की प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया।