उन्नाव में किले की खुदाई जारी है और पांच मीटर तक पहुंचने के बाद यह रहस्य खुल जाएगा कि जमीन के नीचे क्या छिपा है। क्या वाकई सोना है या कुछ और है?
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अपर महानिदेशक डॉ. बीआर मणि का कहना है कि उन्नाव के डौंडिया खेड़ा में पांच मीटर की खुदाई के बाद तय हो जाएगा की सोना जमीन में है की नहीं।
यह तय है कि एक हजार टन सोना तो नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार है जब सपने को आधार बना कर जांच शुरू की गई। हर साल विभाग को ऐसे 15 से 20 पत्र हर साल आते हैं। उनमें से किसी पर भी विचार नहीं किया जाता।
अपर महानिदेशक बृहस्पतिवार को एएसआई कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबा के सपने की जानकारी के बाद प्रदेश सरकार ने सर्वे कराया था।
उसमें पता चला था कि वहां कुछ लोहा रहित मैटल भूगर्भ में है। इसी आधार पर खुदाई शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि वहां खुदाई के दौरान ककइया ईंट की दीवार मिली है।
जमीन में सोना है या नहीं के सवाल पर उन्होंने कहा कि खुदाई के बाद ही साफ होगा, पर इतना तय है कि जितना बाबा ने सोना बताया है उतना संभव नहीं है।
दो मीटर तक खुदाई हो चुकी है। पांच मीटर तक सब कुछ सामने होगा। वहां से तय हो जाएगा की खुदाई आगे करनी है कि नहीं।