उत्तर प्रदेश में रायबरेली और अमेठी में शुरू हुई बिजली कटौती के बाद सकते में आई कांग्रेस ने इसे सपा का सियासी दांव करार दिया। कांग्रेस का कहना है कि सपा सरकार के इस कदम से सोनिया और राहुल गांधी को आगामी चुनाव में चुनौती का सामना करना पड़ सकता हैं।
मामला जब ज्यादा बढ़ा तो सपा सरकार बैकफुट पर दिखाई दी। सरकार की ओर से खाद्य एवं रसद मंत्री मीडिया को इस मसले पर सफाई देते दिखे।
उन्होंने अमेठी और रायबरेली के नागरिकों को इस कटौती से होने वाली असुविधा के प्रति संवेदना भी प्रकट की।
दूसरी ओर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने भी आनन-फानन में बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर कहा कि रायबरेली-अमेठी में बिजली की कमी के चलते दो दिन कटौती की गई।
बीती रात वहां कोई कटौती नहीं हुई। पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों ने दावा किया कि अब वहां लगातार बिजली दी जा रही है।
पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन संजीव मित्तल मीडिया के सामने नहीं आए। प्रबंध निदेशक ए.पी. मिश्र ने कहा कि रायबरेली-अमेठी में कोई नियमित कटौती नहीं शुरू की गई है और न ही ऐसी कोई मंशा है।
साथ ही मिश्र यह जोड़ना भी नहीं भूले कि कन्नौज में भी कटौती की गई थी।
इटावा, मैनपुरी, संभल, रामपुर आदि क्षेत्रों में कटौती न होने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले साल ग्रिड में गड़बड़ी होने पर आगरा व ताज ट्रिपेजियम क्षेत्र में कटौती करनी पड़ी थी।
ग्रिड को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं। फिलहाल रायबरेली और अमेठी दोनों ही जगह अब 24 घंटे बिजली दी जा रही है।