अब किसी नवजात की मौत नहीं होगी। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य योजना (एनआरएचएम) में जन्मे बच्चे के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए नए 2200 विशेष यूनिट जिलों में खोले जाएंगे।
सब कुछ ठीक रहा तो इस योजना को इसी साल पूरा भी किया जा सकता है।
सोमवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे एनआरएचएम के मिशन निदेशक अमित घोष ने नवजात के स्वास्थ्य और मृत्यु दर पर चिंता जताई।
3,000 हो जाएगी संख्या
उन्होंने कहा कि पूरे यूपी में 830 न्यूबोर्न केयर कॉर्नर ही हैं। अब इसकी संख्या 3,000 करने की चुनौती है। इस लक्ष्य को इसी साल पूरा कर लिया जाएगा। इससे शिशु मृत्यु दर को भी घटाया जा सकेगा।
इसके लिए जिलेवार योजना बनाकर इसे लागू किया जाना है।
प्रदेश में न्यूबॉर्न केयर सेंटर्स की हालत बेहद खस्ता है। ऐसे में नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर हमेशा खतरा बना रहता है। खबर है कि प्रदेश में इन न्यूबॉर्न केयर सेंटर्स की संख्या बढ़ाने की कवायद चल रही है।
जो हैं उनकी भी हालत खराब है
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर जगह अभी न्यूबॉर्न बेबी केयर कॉर्नर की शुरूआत ही नहीं हो सकी है। जहां हुई है वहां भी इसकी देखभाल ठीक तरह से नहीं हो रही।
ऐसे में जरूरी है कि पहले से बने न्यू बोर्न बेबी कॉर्नर पर भी ध्यान दिया जाए।
ये होंगी सुविधाएं
• नवजात की देखभाल के लिए प्रसव कक्ष से सटे कमरे में विशेष टेबल
• इमरजेंसी दवाईयां
• ऑक्सीजन आपूर्ति
• वजन मापने की मशीन
• कृत्रिम सांस दिलाने के लिए एंबू बैग
• थर्मामीटर
• सक्शन उपकरण