एक आइसक्रीम कारोबारी के 17 साल के बेटे ने पैसों के लिए खुद के अपहरण की साजिश रची। उसने घरवालों से 50 लाख की फिरौती भी मांगी। चार दिन से लापता बेटे की खोज खबर के लिए पुलिस को सूचना दी गई।
इधर घरवाले भी उसकी तलाश कर रहे थे। परिजनों ने उसे अलीगढ़ के गोरई में पकड़ लिया। फिर अपहरण के राज का पर्दाफाश हुआ।
कोतवाली सुरीर क्षेत्र के मेंहदीपुर निवासी सत्यप्रकाश सारस्वत का पुणे में आइसक्रीम का कारोबार है। वह वृंदावन और मथुरा के यमुनापार इलाके में राया रोड पर आइसक्रीम फैक्ट्री लगा रहे हैं।
उनका पुत्र कमल कक्षा 11 का छात्र है। वह चार दिन से लापता था। परिजन रिश्तेदारी और दोस्तों से पूछताछ कर उसकी तलाश में जुटे थे।
बुधवार की शाम आई फोन कॉल ने उनके होश उड़ा दिए। फोन करने वाले ने 50 लाख की फिरौती मांगी। फिरौती की रकम का जल्दी से इंतजाम कर अलीगढ़ लेकर आने को कहा।
कमल के परिजनों ने इस संबंध में यमुनापार पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरु की।
एसओ यमुनापार ने बताया कि युवक की तलाश के लिए टीम बनाई गई। कमल के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया गया। इधर देर शाम को कमल के परिजन उसे अलीगढ़ के गोरई कस्बे से पकड़कर ले आए और पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में कमल ने पुलिस को बताया कि वह पैसे चाहता था। परिजनों से पैसे लेने लिए ही उसने अपहरण का नाटक रचा।