देश के ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के लिए भारत सरकार कुछ सालों पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लेकर आई थी। नरेगा के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गरीब मजदूर सिंचाई, सड़क निर्माण, बांध निर्माण, तलाब निर्माण, कुआं खोदना आदि कार्य करते हैं। इसके बदले उनको उनकी मजदूरी का भुगतान किया जाता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी का जो भुगतान अब तक किया जाता था। उसे अब आधार-आधारित-भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। कांग्रेस ने इस फैसले पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने नए साल के मौके पर गरीब मजदूरों के लिए एक बेहद ही खराब निर्णय लिया है।