भारतीय एथलीट्स के लिए टोक्यो ओलंपिक में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मीराबाई चानू के वेटलिफ्टिंग में रजत पदक के बाद से देश को कोई अन्य मेडल नहीं मिला है और खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है। उधर मंगलवार को टेनिस से निराशा हाथ लगी। भारतीय टेनिस टीम का टोक्यो ओलंपिक में अभियान औपचारिक रूप से खत्म हो गया क्योंकि सानिया मिर्जा और सुमित नागल 153 की खराब संयुक्त रैंकिंग के कारण मिश्रित युगल स्पर्धा में जगह नहीं बना पाए।
मिश्रित स्पर्धा के लिए प्रविष्टियों को मंगलवार सुबह अंतिम रूप दिया गया और इसके लिए कट 50 से 60 (संयुक्त रैंकिंग) के बीच रहने की उम्मीद थी। भारतीय जोड़ी के पास ऐसे में स्पर्धा में जगह बनाने का कोई मौका नहीं था। मिश्रित युगल में सिर्फ 16 जोड़ियां खेलती हैं और सिर्फ दो मैच जीतने के बाद टीम को पदक दौर में जगह मिल जाती है।
बात करें इन दोनों खिलाड़ियों के अन्य स्पर्धाओं की तो नागल को पुरुष एकल के दूसरे दौर में दानिल मेदवेदेव के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि सानिया मिर्जा और अंकिता रैना की महिला युगल जोड़ी पहले दौर में ही हारकर बाहर हो गई थी।