यूएस ओपन 2023 में गुरुवार के दिन जलवायु परिवर्तन प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया। इसकी वजह से 50 मिनट तक महिला एकल का सेमीफाइनल मैच रुका रहा। प्रदर्शनकारी पिछले कुछ समय से बड़े मुकाबलों को अपना निशाना बनाते रहे हैं और अब यूएस ओपन की बारी थी। आर्थर ऐश स्टेडियम में अमेरिका की कोको गॉफ और करोलिना मुचोवा के बीच सेमीफाइनल मुकाबलो दूसरे सेट के दूसरे गेम में रोकना पड़ा। तीन प्रदर्शनकारियों ने "जीवाश्म ईंधन समाप्त करें" नारे वाली टी-शर्ट पहनकर एक ही वाक्य को जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। सुरक्षा कर्मचारियों के अंदर आने के बाद अन्य दर्शकों ने प्रदर्शनकारियों का मजाक बनाया और उन्हें बाहर निकालो के नारे लगाए।
क्रिकेटर स्टीव स्मिथ ने भी इस पर अपनी एक्स पोस्ट में लिखा "यहां क्या हो रहा है, इन्हें सीधे बाहर फेंको"
टूर्नामेंट के अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों में से एक ने अपने पैर स्टेडियम के कंक्रीट के फर्श पर चिपका दिए, जिससे उसे मैदान से बाहर ले जाने में काफी परेशानी हुई। स्थानीय समयानुसार रात आठ बजे मुचोवा दूसरे सेट की शुरुआत में सर्विस करने के लिए तैयार थीं। इस समय तक गॉफ 6-4, 1-0 से आगे थीं।
यूएस ओपन टूर्नामेंट के निदेशक स्टेसी एलास्टर ने बाद में पुष्टि की कि प्रदर्शनकारियों में से एक ने खुद को फर्श से चिपका लिया था। एलास्टर ने कहा, "जब सुरक्षाकर्मी वहां पहुंचे तो उन्होंने पाया कि प्रदर्शनकारियों में से एक ने खुद को सीमेंट के फर्श से चिपका लिया था।"
टेलीविजन फुटेज में देखा गया कि जब मैच रुका हुआ था, तब गॉफ और मुचोवा कोचिंग स्टाफ के साथ बात करती रहीं और लॉकर रूम में आराम से रहने की कोशिश करती रहीं। गॉफ और मुचोवा आखिरकार लगभग 50 मिनट बाद स्थानीय समयानुसार रात लगभग 8.50 बजे कोर्ट पर लौटीं।
जलवायु कार्यकर्ताओं ने दुनिया भर में प्रमुख खेल आयोजनों को निशाना बनाया है और बड़े मैचों में बाधा पहुंचाकर अपना विरोध जाहिर किया है। टेनिस के कई बड़े टूर्नामेंट के दौरान विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं और अब यूएस ओपन में भी ऐसा हुआ। पिछले साल एक महिला कार्यकर्ता ने मारिन सिलिक और कैस्पर रूड के बीच फ्रेंच ओपन पुरुष सेमीफाइनल मैच के दौरान खुद को नेट से बांध लिया था, जबकि सितंबर 2022 में लंदन में लेवर कप के दौरान एक व्यक्ति ने कोर्ट पर दौड़कर अपने हाथ में आग लगा ली थी।
इस साल जुलाई में, विंबलडन में खेल को बाधित करने, कोर्ट पर नारंगी कंफेटी और जिग्स के टुकड़े बिखेरने के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में तीनों पर गंभीर अतिक्रमण का आरोप लगाया गया और आपराधिक मुकदमा चलाया गया। जून में लंदन के लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज टेस्ट के दौरान "जस्ट स्टॉप ऑयल" आंदोलन के दो प्रदर्शनकारी मैदान पर आ गए थे और नारंगी पाउडर बिखेर दिया था।
हाल ही में विश्व स्नूकर चैंपियनशिप और इंग्लिश प्रीमियरशिप रग्बी फाइनल के दौरान भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए थे। कार्यकर्ताओं ने प्रीमियर लीग मैचों और सिल्वरस्टोन में फॉर्मूला वन ब्रिटिश ग्रां प्री को भी निशाना बनाया है।