भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट सिमरन शर्मा ने पेरिस पैरालंपिक खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में अपनी हीट में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। हालांकि, पुरुष भाला फेंक एफ54 स्पर्धा के फाइनल में दीपेश कुमार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वह अंतिम स्थान पर रहे।
सिमरन से पदक की उम्मीद बरकरार
मौजूदा विश्व चैंपियन सिमरन ने 25.41 सेकेंड के समय के साथ अपनी हीट में शीर्ष स्थान हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई। नियम के अनुसार प्रत्येक हीट का विजेता फाइनल ए के लिए क्वालिफाई करता है। प्रत्येक सेमीफाइनल में तीन सबसे तेज धावक फाइनल ए के लिए क्वालिफाई करते हैं। पैरालंपिक खेलों में टी12 श्रेणी दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए है। सिमरन का जन्म समय से पहले हुआ था और उन्होंने अगले 10 सप्ताह इनक्यूबेटर में बिताए जहां पता चला कि वह दृष्टिबाधित हैं। सिमरन के कोच उनके पति गजेंद्र सिंह हैं जो सेना सेवा कोर में कार्यरत हैं। वह नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रशिक्षण लेती हैं।
सिमरन 100 मीटर में पदक नहीं जीत सकी थीं
इससे पहले गुरुवार को सिमरन महिला 100 मीटर टी12 फाइनल में चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं थी। चार खिलाड़ियों के फाइनल में धीमी शुरुआत के कारण सिमरन ने 12.31 सेकेंड का समय निकाला था। हालांकि, उनके पास एक बार फिर पोडियम पर पहुंचने का अवसर रहेगा।
पदक लाने से चूके दीपेश
दीपेश सात खिलाड़ियों के फाइनल में 26.11 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ निचले स्थान पर रहे। दिसंबर 2023 में नई दिल्ली में खेलो इंडिया पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले दीपेश अपनी स्पर्धा में थ्रो करने वाले अंतिम एथलीट थे और पोडियम पर पहुंचने के लिए उन्हें 30 से अधिक अंक चाहिए थे। पर वह इससे काफी पीछे रह गए। एफ54 वर्ग में फील्ड स्पर्धा में एथलीट सीट पर बैठकर हिस्सा लेते हैं।