हरविंदर ने कहा कि समापन समारोह के दौरान भारतीय ध्वज पकड़ना उनके लिए सर्वोच्च सम्मान की बात की है जिसका उन्होंने सपना देखा था। उन्होंने कहा, भारत के लिए स्वर्ण जीतना ऐसा सपना था जो पूरा हो गया है। अब समापन समारोह में ध्वजवाहक बनने का सर्वोच्च सम्मान मिलना जो मेरा सपना था वो पूरा हो रहा है। यह जीत उन सभी लोगों की है जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और मुझे उम्मीद है कि मैं उन लोगों को प्रेरित करूंगा जो सपने पूरा करना चाहते हैं।
प्रीति ने पेरिस पैरालंपिक में महिला टी35 स्पर्धा में 100 मीटर और मीटर में क्रमशः 14.21 सेकेंड और 30.01 सेकेंड के साथ कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा कि वह इस खबर से रोमांचित हैं। उन्होंने कहा, ध्वजवाहक के तौर पर भारत का प्रतिनिधत्व करना सम्मान की बात है। यह पहल सिर्फ मेरे लिए नहीं है, जबकि सभी पैरा एथलीटों के लिए है जिन्होंने अपनी क्षमता से आगे बढ़कर देश को गौरवान्वित किया है। मैं समापन समारोह में अपनी अभूतपूर्व टीम का नेतृत्व करने के लिए रोमांचित हूं।
भारत ने किया अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
भारत के लिए पेरिस पैरालंपिक शानदार रहा है और टीम ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भारत अब तक इन खेलों में छह स्वर्ण, नौ रजत और 11 कांस्य के साथ कुल 26 पदक जीत चुका है जो उसका पैरालंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में पांच स्वर्ण सहित कुल 19 पदक जीते थे।