भारत के रवि रोंगाली से पेरिस पैरालंपिक में पदक लाने की उम्मीद थी, लेकिन वह पुरुषों की एफ40 गोला फेंक फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे और पदक लाने से चूक गए। पिछले साल चीन में एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले रवि ने हालांकि 10.63 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन यह शीर्ष तीन में पहुंचने के लिए काफी नहीं था।
विश्व रिकॉर्ड धारक पुर्तगाल के मिगुएल मोंटेरो ने 11.21 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मंगोलिया के बटुल्गा त्सेगमिड (11.09 मीटर) ने कांस्य पदक जीता। मौजूदा एशियाई पैरा खेलों के चैंपियन इराक के गर्राह तनैयाश ने 11.03 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता, जबकि टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियन रूस डेनिस गनेजडिलोव 10.80 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे। वह पेरिस पैरालंपिक में तटस्थ एथलीट के रूप में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। एफ40 वर्ग छोटे कद वाले खिलाड़ियों के लिए है।
रक्षिता शुरुआती दौर से ही बाहर
रक्षिता राजू महिलाओं की 1500 मीटर टी11 दौड़ के शुरुआती दौर में ही बाहर हो गईं। 23 साल की रक्षिता हीट तीन में पांच मिनट 29.92 सेकेंड के समय के साथ चार धावकों में आखिरी स्थान पर रहीं। तीनों हीट से प्रत्येक में शीर्ष दो स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। चीन की शानशान हे चार मिनट 44.66 सेकेंड के समय के साथ रक्षिता की हीट में शीर्ष स्थान पर रहीं, जबकि दक्षिण अफ्रीका की लौजेन कोएट्जी ने सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास चार मिनट 45.25 सेकेंड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। टी11 श्रेणी दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए है। इसमें एथलीट गाइड की मदद से प्रतिस्पर्धा करते हैं।
भारत ने जीते हैं अब तक पांच पदक
भारत ने पेरिस पैरालंपिक में अब तक पांच पदक अपने नाम किए हैं जिसमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल है। अवनि लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था, जबकि मोना ने इसी स्पर्धा का कांस्य अपने नाम किया था। वहीं, पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में मनीष नरवाल ने रजत पदक जीता था। इसके अलावा प्रीति पाल ने महिलाओं की 100 मीटर टी35 स्पर्धा और रुबीना फ्रांसिस ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 में कांस्य पदक जीता था।