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Puja Tomar: उत्तर प्रदेश की बेटी ने रचा इतिहास, UFC फाइट जीतने वाली पहली महिला बनी, डेब्यू में मचाया धमाल

Sun, 09 Jun 2024 12:42 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बुढाना गांव में जन्मीं तोमर पिछले साल यूएसी के साथ अनुबंध हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर बनीं। पूर्व राष्ट्रीय वुशु चैंपियन तोमर ने मैट्रिक्स फाइट नाइट और वन चैंपियनशिप सहित अन्य चैंपियनशिप में शामिल हो चुकी हैं।
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पूजा तोमर - फोटो : twitter
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विस्तार
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पूजा तोमर ने यूएफसी मैच जीतकर इतिहास रच दिया है। वह अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप मैच जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। रविवार को अपने डेब्यू मैच में उन्होंने रेयान अमांडा डॉस सैंटोस को हराकर 30-27, 27-30, 29-28 के विभाजित निर्णय से जीत हासिल की। मुकाबला जीतने के बाद पूजा ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, "हमारे भारतीय गीत और भारतीय ध्वज के साथ बाहर निकलते हुए मेरे रोंगटे खड़े हो गए और मुझे गर्व महसूस हुआ।" 
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'साइक्लोन' के नाम से हैं मशहूर
‘साइक्लोन’ के नाम से मशहूर पूजा तोमर को भारतीय सर्किट की सबसे बेहतरीन महिला फाइटर्स में से एक माना जाता है। 28 वर्षीय खिलाड़ी ने जीत के बाद कहा, "यह जीत मेरी जीत नहीं है। यह जीत सभी भारतीय प्रशंसकों और सभी भारतीय सेनानियों के लिए है। इससे पहले कि हर कोई सोचता कि भारतीय सेनानी कहीं नहीं टिकते। मैंने केवल यही सोचा कि मुझे जीतना है और दुनिया को दिखाना है कि भारतीय सेनानी हारे नहीं हैं।" पूजा ने शुरुआत में वुशू को अपनाया। वह इस खेल में पांच बार राष्ट्रीय चैंपियन बनीं। वह कराटे और ताईक्वांडो में भी दखल रखती हैं। उन्होंने वुशू की विश्व चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया।

कौन हैं पूजा तोमर?
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बुढाना गांव में जन्मीं तोमर पिछले साल यूएसी के साथ अनुबंध हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर बनीं। पूर्व राष्ट्रीय वुशु चैंपियन तोमर ने मैट्रिक्स फाइट नाइट और वन चैंपियनशिप सहित अन्य चैंपियनशिप में शामिल हो चुकी हैं। लगातार चार हार के बाद, उन्होंने वन चैम्पियनशिप छोड़ दी और 2021 में मैट्रिक्स फाइट नाइट में शामिल हो गईं। उन्होंने एमएफएन में चार मुकाबले जीते, आखिरी बार जुलाई में रूस की अनास्तासिया फेओफानोवा के खिलाफ खिताब का बचाव किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह इंडोनेशिया के बाली में सोमा फाइट क्लब में ट्रेनिंग करती हैं, जहां अंशुल जुबली ने यूएफसी फाइट्स के लिए ट्रेनिंग ली थी। 
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