भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा अपने प्रदर्शन से वर्षों से सभी को प्रभावित कर रहे हैं। नीरज भारत के एकमात्र ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने लगातार दो ओलंपिक में पदक जीता है। हालांकि, एक ऐसी चीज है जो नीरज अब तक नहीं कर सकते हैं और वो 90 मीटर का थ्रो फेंकना है। नीरज कई बार कह चुके हैं कि ये ऐसी चीज है जो उनके दिमाग में रहती है, लेकिन इसे लेकर वह दबाव नहीं बनाना चाहते हैं। वहीं, दिग्गज पैरा एथलीट देवेंद्र झाझरिया का मानना है कि नीरज के लिए 90 मीटर दूर भाला फेंकना बस समय की बात है। झाझरिया ने भविष्यवाणी की है कि नीरज एक या दो साल में 93 मीटर दूर भाला फेंक सकते हैं।
नीरज ने इस महीने की शुरुआत में पेरिस ओलंपिक में 89.45 मीटर भाला फेंककर रजत पदक जीता था। उन्होंने गुरुवार को फिर से लुसाने डायमंड लीग में 89.49 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था। झाझरिया खुद पैरा भाला फेंक के दिग्गज हैं और जिन्होंने एफ46 श्रेणी में दो पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने कहा कि जब नीरज 90 मीटर की बाधा को पार करेंगे तो वह इसे बड़े अंतर से पार करेंगे जिसमें वह तीन से चार मीटर से आगे होंगे।
'नीरज के लिए 89 मीटर बैरियर बन गया है'
झाझरिया ने कहा, अगर मैं भाला फेंक की भाषा में कहूं तो 89 से अधिक मीटर इस वक्त नीरज के लिए एक बैरियर बन गया है। मैंने अपने 20 साल के खेल करियर में देखा है कि जब कोई बैरियर टूटता है तो वह महज एक मीटर या उससे कम से नहीं बल्कि तीन से चार मीटर से टूटता है। जब नीरज ऐसा करेंगे तो वह सिर्फ 90 मीटर से नहीं बल्कि तीन से चार मीटर दूर तक भाला फेंकेगे। मेरे शब्दों को याद रखना।
मार्च में भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष चुने गए झाझरिया ने कहा, उम्र उनके पक्ष में है, 26 साल कोई उम्र नहीं है और मुझे उम्मीद है कि जब वह 28 या 29 साल के होंगे तब वह अपने शिखर पर होंगे। तब तक वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। वह बहुत अनुशासित और बहुत समर्पित हैं। मैंने यह तब देखा है जब हमने 2022 में फिनलैंड में साथ में ट्रेनिंग की थी।