जूनियर कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में ग्रीको रोमन स्पर्धा में भारत की पदक जीतने की उम्मीद अधूरी रह गई। भारतीय पहलवान रवि मलिक को 82 किग्रा भार वर्ग में रविवार को कांस्य पदक के प्ले ऑफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें अपने प्रतिद्वंदी से तकनीकी दक्षता के आधार पर सिर्फ 42 सेकेंड में हार झेलनी पड़ी। रवि जॉर्जिया के पहलवान सबा मामालाजे के आगे कमजोर नजर आए, हालांकि रवि ने शुरुआती मूव बनाया लेकिन विरोधी पहलवान ने पलटवार करके अंक जुटाए। सबा ने इसके बाद चार अंक जुटाकर मुकाबला लगभग अपनी झोली में डाल लिया।
गौरतलब है कि मलिक एकमात्र भारतीय ग्रीको रोमन पहलवान थे जिन्होंने पदक दौर में जगह बनाई थी। मलिक ने अपने अभियान की शुरुआत एस्टोनिया के रोबिन उसपेंस्की के खिलाफ 6-0 की जीत के साथ की और फिर किर्गिस्तान के जेनिश हुमनाबेकोव को 18-9 से शिकस्त दी। हुमनाबेकोव को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में तीन बार चेतावनी दी गई।
भारतीय पहलवान को हालांकि सेमीफाइनल में आर्मेनिया के करेन खचातरयान के खिलाफ तकनीकी दक्षता के आधार पर शिकस्त झेलनी पड़ी। मलिक के अलावा भारतीय पहलवानों में सिर्फ नरिंदर चीमा (97 किग्रा) ही दो मुकाबले जीत पाए और उन्हें रेपेचेज के जरिए पदक जीतने का मौका मिला था। हालांकि वह भी रविवार को सुबह के सत्र में नॉर्वे के मार्कस वोरेन के खिलाफ रेपेचेज दौर में तकनीकी दक्षता से हार के साथ कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाने में नाकाम रहे।
विकास (72 किग्रा) और दीपक (77 किग्रा) ने पहले दौर के मुकाबले जीते लेकिन दूसरे दौर में हार गए जबकि अनूप (55 किग्रा), विकास (60 किग्रा), अनिल (63 किग्रा), दीपक (67 किग्रा), सोनू (87 किग्रा) और परवेश (130 किग्रा) पहले दौर के मुकाबले हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
भारत के पुरुष फ्रीस्टाइल पहलवानों ने छह पदक जबकि महिला पहलवानों ने पांच पदक जीते। भारत टीम चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रहा।