टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले सुमित अंतिल ने अपनी जीत का श्रेय नीरज चोपड़ा को दिया है। सोनीपत के रहने वाले सुमित ने कहा कि नीरज ने मेरी उपलब्धि में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। बता दें कि सुमित ने पुरुषों की एफ64 पाइनल स्पर्धा में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल में 68.55 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सुमित ने बताया, 'नीरज चोपड़ा के पदक ने मुझ पर ओलंपिक में पदक हासिल करने का दबाव डाला। नीरज ने मेरी उपलब्धि में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने हमेशा मुझे यह कहकर प्रेरित किया कि आप बहुत मजबूत और फिट हैं।'
मैं अब एक स्टार की तरह महसूस करता हूं- अंतिल
सुमित ने आगे बताया, 'मैं नकारात्मक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देता और मेरे किसी भी करीबी ने मेरी विकलांगता पर मुझे ताना नहीं मारा।' जेवलिन (भाला) ने अब देश में एक बढ़ावा दिया है और मेरे पदक के बाद अब 50 छात्रों ने प्रशिक्षण के लिए मेरे कोच से संपर्क किया है। मैं अब एक स्टार की तरह महसूस करता हूं।' एजेंसी से बातचीत में सुमित ने आगे कहा, 'कॉलेज में मेरे सीनियर्स ने सुझाव दिया कि मुझे पैरालंपिक में प्रयास करना चाहिए क्योंकि मैं अपनी विकलांगता के कारण डिमोटिवेट हो गया था। जो लोग मेरी विकलांगता का मजाक उड़ाते थे अब वे मुझसे बात करना चाहते हैं। वे मुझे लगातार मैसेज कर रहे हैं। मेरे माता-पिता भी उत्साहित हैं क्योंकि मेरे परिवार से कोई भी उस स्तर तक नहीं पहुंचा है, जहां मैं पहुंचा हूं।'
अब भाला भी क्रिकेट के बल्ले की तरह मशहूर हो जाएगा- अनुराग ठाकुर
खेलमंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को भालाफेंक खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया और सुमित अंतिल समेत पैरालंपिक पदक विजेताओं को सम्मानित किया। इस दौरान खेल मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह खेल आने वाले समय में क्रिकेट की तरह लोकप्रिय होगा। टोक्यो ओलंपिक में भालाफेंक में नीरज चोपड़ा के ऐतिहासिक स्वर्ण पदक के बाद अंतिल, झाझरिया और सुंदर सिंह गुर्जर ने पैरालंपिक में भालाफेंक में पदक जीते। सम्मान समारोह के दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा, 'उम्मीद है कि अब भाला भी क्रिकेट के बल्ले की तरह मशहूर हो जाएगा।' उन्होंने कहा, 'सरकार टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना) जैसी योजनाओं के जरिए देश में खेलों का ढांचा बदल देगी। हम अभूतपूर्व तरीके से खिलाड़ियों की मदद करते रहेंगे।'