टोक्यो पैरालंपिक में भारत की 20 साल की निशानेबाज अवनि लेखरा ने सोमवार को इतिहास रच दिया। उन्होंने सोमवार को महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अवनि ने पैरालंपिक खेलों का रिकॉर्ड कायम करते हुए 249.6 अंक हासिल किए। चीन की झांग कुइपिंग 248.9 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और रजत पदक अपने नाम किया। वहीं, यूक्रेन की इरिना शेतनिक 227.5 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल करने में कामयाब रहीं। झांग और इरिना क्वालीफिकेशन राउंड में पहले और दूसरे स्थान पर थीं। अवनि ने इस स्पर्धा के क्वालीफिकेशन राउंड में 21 निशानेबाजों के बीच सातवें स्थान पर रहकर फाइनल्स में प्रवेश किया था। अवनि पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। यह भारत का इन खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता में भी पहला पदक है। टोक्यो पैरालंपिक में भी यह देश का पहला स्वर्ण पदक है। ऐसे में एक नजर डालते हैं अवनि लेखरा के करियर के बारे में...
साल 2015 में शुरू की निशानेबाजी
टोक्यो पैरालंपिक में कामयाबी की नई इबारत लिखने वाली अवनि ने साल 2015 में जयपुर (राजस्थान) के जगतपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शूटिंग शुरू की। बता दें कि अवनि साल 2012 में एक कार दुर्घटना में घायल हो गई थीं। इसके बाद उन्हें व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ा।
पिता की चाहत
8 नवंबर 2001 को जयपुर में जन्मीं अवनि को पिता ने खेल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। अवनि ने शुरू में शूटिंग और तीरंदाजी दोनों की कोशिश की। इसके बाद अवनि को शूटिंग में ज्यादा मजा आया। इसके बाद वह इसे ही जारी रखा। भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा की किताब पढ़ने के बाद वह और भी प्रेरित हुईं। बता दें कि अवनि राजस्थान विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की हैं।
साल 2017 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
अवनि ने 2017 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। यूएई में हुए विश्व कप में उन्होंने हिस्सा लिया था। साल 2019 में उन्हें भारत में गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा मोस्ट प्रॉमिसिंग पैरालंपिक एथलीट नामित किया गया था। अवनि ने साल 2018 में एशियन पैरा गेम्स में भी हिस्सा लिया था।