शूटिंग लेंस पर बोले ऐसा चश्मा तो गांधी जी लगाते थे
पीएम ने पहले सभी पदक विजेताओं से अलग बात की। इसके बाद वह ग्रुप में बैठे खिलाड़ियों की टेबल पर गए और उनसे उनके बारे में पूछा। पीएम ने खिलाड़ियों के साथ ढाई घंटे से अधिक का समय बिताया। प्रमोद भगत और कृष्णा नागर ने स्वर्ण पदक जीतने वाली अपना रैकेट, सुमित आंतिल ने भाला, अवनि लेखरा ने हस्ताक्षर वाली अपनी आधिकारिक टीम टी शर्ट तो मनीष नरवाल ने निशाना साधने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले लेंस पीएम को भेंट किए। इस पर पीएम ने कहा कि यह लेंस तो बिल्कुल गांधी जी के चश्मे की तरह है। टेबल टेनिस में रजत जीतने वाली भाविना पटेल ने गुजराती में लिखी हुई टी शर्ट तो तीरंदाज हरविंदर सिंह ने तीर पीएम को दिया। पीएम ने समाज सेवा के लिए इन सभी की बोली लगाने के लिए कहा।
खेल के अलावा क्षेत्रों को चुन लोगों को करें प्रेरित
पीएम ने कहा कि उनकी सफलता लोगों के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही खिलाड़ियों से खेलों से हटकर कुछ ऐसे क्षेत्रों को चुनकर उनमें काम करना को कहा जिससे वे लोगों को प्रेरित कर सकें और व्यापक बदलाव लाने का जरिया बन सकें। पीएम ने कहा कि उनके अद्भुत प्रदर्शन से देश भर में खेलों के बारे में जागरूकता कई गुना बढ़ गई है। कुछ ने कहा कि पैरा खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए पढ़ाई की चीजें कम हैं। इस पर पीएम ने कहा कि विद्वानों का सेमिनार कराकर उससे जुटी चीजों को कलमबद्ध करवाएंगे।
दूसरे खिलाड़ियों को बताईं पीएम के फोन की कहानी
ज्यादातर खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब उन्होंने उनसे बातचीत के वीडियो और कहानियां दूसरे देशों के खिलाड़ियों को बताईं तो वे आश्चर्य में पड़ गए। उन्हें इस पर विश्वास नहीं हो रहा था कि खुद पीएम ने पदक जीतने पर खिलाड़ियों को फोन पर बधाई दी है। इस दौरान खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और पूर्व खेल मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद थे