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Tokyo Olympics: कमलप्रीत कौर ने दिखाई ताकत, डिस्कस थ्रो में 64 मीटर के स्कोर के साथ फाइनल में मारी एंट्री

Sat, 31 Jul 2021 08:56 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

टोक्यो ओलंपिक के नौवें दिन कमलप्रीत कौर ने देश को खुशी का मौका दिया। महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कमलप्रीत कौर ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
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कमलप्रीत कौर - फोटो : twitter@WeAreTeamIndia
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विस्तार
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टोक्यो ओलंपिक के नौवें दिन कमलप्रीत कौर ने देश को खुशी का मौका दिया। महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कमलप्रीत कौर ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वॉलिफिकेशन राउंड में ग्रुप बी से कौर ने तीसरे प्रयास में 64 मीटर का स्कोर हासिल किया और दूसरे स्थान पर रहीं। कमलप्रीत भारत की ओर से रिकॉर्ड स्कोर करने वाली खिलाड़ी बन गई हैं।

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कमलप्रीत के अलावा ग्रुप ए से सीमा पुनिया ने 60.57 मीटर का स्कोर किया और छठे स्थान पर रहीं लेकिन वह फाइनल में क्वालीफाई करने से चूक गईं। 


 
बात करें कमलप्रीत की तो उन्होंने पहले प्रयास में 60.29 मीटर, दूसरे में 63.97 और आखिरी प्रयास में 64 का स्कोर किया। फाइनल में पहुंचने के लिए 64 ही क्वॉलिफिकेशन मार्क था। अब कमलप्रीत दो अगस्त को फाइनल में भारत की तरफ से दावेदारी पेश करेंगी। 

कड़ी मेहनत से अपने सपने को किया साकार

कमलप्रीत कौर ने अपने पिता को कहा कि वह पदक जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करेंगी। कौर के पिता कुलदीप सिंह ने इस बात की जानकारी समाचार एजेंसी पीटीआई को दी। उन्होंने कहा, 'मैंने आज उससे बात की और वह बहुत खुश थी। उसने मुझे कहा कि वह फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ करेगी।' उनके पिता ने कहा, 'उसका फोकस हमेशा अपने खेल पर रहा है और उसने अपनी कड़ी मेहनत से ओलंपिक में भाग लेने के अपने सपने को साकार किया।'
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अवसाद में थीं कमलप्रीत, क्रिकेट खेलकर बिताया वक्त

कोरोना लॉकडाउन के कारण कलमप्रीत कौर काफी हताश थीं क्योंकि वह खेल नहीं पा रही थीं। अवसाद के कारण उन्होंने अपने गांव में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। इस बात की जानकारी कलमप्रीत की कोच राखी त्यागी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दी। उन्होंने एजेंसी को बताया, 'उनके गांव के पास बादल में एक साई केंद्र है और हम 2014 से पिछले साल तक वहीं ट्रेनिंग कर रहे थे। लॉकडाउन के कारण सबकुछ बंद था और वह अवसाद महसूस कर रही थी। वह खासकर ओलंपिक में भाग लेना चाहती थी। वह बेचैन थी और यह सच है कि उसने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था।'
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