आखिरी क्षणों में बजरंग ने वापसी की लेकिन उन्हें मैच जीतने के लिए ज्यादा अंकों वाली पकड़ की जरूरत थी। मुकाबले के आखिरी 30 सेकंड में उन्होंने अपना हमला तेज किया लेकिन अलीव ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। हार सुनिश्चित होने के बाद बजरंग मैट पर गिर गए। बजरंग ने दिन पहले मुकाबले में किर्गीस्तान के अर्नाजार अकमातालिएव को और क्वार्टर फाइनल में ईरान के मुर्तजा चेका घियासी को पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी
अगर जीते तो लंदन की बराबरी
बजरंग अगर कांस्य पदक जीतने में सफल रहते हैं तो यह भारत का संयुक्त श्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। इससे पहले भारत ने लंदन 2012 में दो पदक जीते। तब सुशील कुमार (रजत) और योगेश्वर दत्त (कांस्य) ने पदक जीते थे। रवि दहिया ने रजत पदक जीता था।
सीमा पहले ही मुकाबले में हारीं
पहली बार खेलों के महाकुंभ में खेल रहीं सीमा बिस्ला (50 किग्रा) को पहले ही मुकाबले में ट्यूनीशिया की सारा हमदी के हाथों 1-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। सीमा को हमदी ने खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। मुकाबले में कोई दांव देखने को नहीं मिले। हमदी ने तीन में से दो अंक पुशआउट पर और एक सीमा के रक्षात्मक खेल पर बनाए। सीमा ने अपने प्रतिद्वंद्वी को धक्का देकर अंक बनाया। हमदी को हालांकि बाद में हार का सामना करना पड़ा जिससे सीमा का ओलंपिक अभियान एक मुकाबले के बाद ही खत्म हो गया। सीमा ने 2017 के बाद से कोई राष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं जीता है लेकिन मई में सोफिया में विश्व क्वालिफायर जीतकर ओलंपिक में जगह बनाई थी।