टोक्यो ओलंपिक में रविवार को पुरुषों की 100 मीटर दौड़ के फाइनल में चीन के सु बिंगतियान ने भी जगह बनाई थी। 32 साल के इस धावक ने 9.83 सेकंड में ये दौड़ पूरी कर ली। 1932 के बाद ये पहला मौका था, जब किसी एशियाई धावक ने 100 मीटर दौड़ के फाइनल में जगह बनाई। इस दौड़ में वर्ल्ड रिकॉर्ड अभी भी जमैका के उसैन बोल्ट के नाम है, जिन्होंने 2009 में ये दूरी 9.58 सेकंड में पूरी की थी। लेकिन अब सु इस दूरी को सबसे कम समय में तय करने वाले इतिहास के 12वें व्यक्ति बन गए हैं।
इससे ये बहस खड़ी हो गई है कि 100 मीटर की दौड़ को लेकर प्रचलित जीन थ्योरी (आनुवंशिकी सिद्धांत) का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। इस सिद्धांत के तहत दावा किया जाता रहा है कि सबसे तेज दौड़ने में सक्षम एक खास आनुवंशिकी वाले लोग हैं, जिनके पूर्वज अफ्रीका में रहते थे। उसी आनुवंशिकी के लोग वेस्ट इंडीज (जहां जमैका है) और अमेरिका में लाकर बसाए गए।