भारत की गोल्फर अदिति अशोक टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने से चूक गईं। वह महिला व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले में चौथे स्थान पर रहीं। इस हार के बाद वह मेडल की रेस से बाहर हो गईं। इस स्पर्धा का शुक्रवार को जब तीसरा राउंड खत्म हुआ था तो वह दूसरे स्थान पर थीं लेकिन इसके बाद आज उनके साथ काफी उतार-चढ़ाव हुआ। जिसके चलते कभी वह मेडल रेस से बाहर हुईं तो कभी उन्होंने वापसी कर पदक जीतने की उम्मीद बनाए रखी। लेकिन अंत में वह पदक की रेस से बाहर हो गईं। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल नैली कोर्दा ने जीता जबकि रजत और कांस्य पदक के लिए जापान की मोनी इनामी और न्यूजीलैंड की लेडिया के बीच मुकाबला खेला जाएगा।
अदिति अशोक ने बेहतरीन प्रदर्शनक किया। वह भारत को गोल्फ में पहला पदक दिलाने से एक स्थान से चूक गईं। साल 2016 रियो ओलंपिक में अदिति 41वें नंबर पर रही थीं। लेकिन इस बार उन्होंने दमदार प्रदर्शन करते हुए 60 खिलाड़ियों में उन्होंने चौथा स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि किसी से कम नहीं है।
गोल्फ का यह मुकाबला चार दिन तक खेला गया। इस दरम्यान अदिति कई बार दूसरे और तीसरे नंबर पर रहीं। अंतिम दिन भी कुछ उतार-चढ़ाव को अगर छोड़ दें तो वह लगातार मेडल की रेस में बनी रहीं। लेकिन किस्मत पर जोर किसका चलता है। चौथे दिन अंतिम समय में न्यूजीलैंड की खिलाड़ी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए उनसे आगे निकल गई।