ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पूल ए के मैच में भारतीय टीम को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। कंगारुओं ने भारत को 7-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। खेल के शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलियाई टीम आक्रामक नजर आ रही थी। 10वें मिनट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एक गोलकर भारत पर 1-0 की बढ़त बनाई। इसके बाद 21वें और 23वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया ने एक के बाद एक गोल दागे। वहीं, 26वें मिनट में एक और गोल कर ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पूरी तरह से परेशानी में डाल दिया। हाफ टाइम तक ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारत पर 4-0 की बढ़त बना ली थी। हाफ टाइम के बाद टीम इंडिया ने वापसी करने की कोशिश की लेकिन कुछ खास नहीं कर पाई।
भारत की तरफ से 34वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने गोल किया। इसके बाद स्कोर 4-1 का हो गया। इसके ठीक बाद ऑस्ट्रेलिया ने 40वें और 42वें मिनट में एक के बाद एक गोलकर भारत पर 6-1 की बढ़त बना ली। यहां से टीम पूरी तरह दवाब में आ गई। इसके बाद चौथे क्वार्टर का खेल शुरू हो गया है।
ऑस्ट्रेलिया ने 51वें मिनट में एक और गोलकर भारत को 7-1 से करारी शिकस्त दी।
बॉक्सिंग: मनीष कौशिक हारे
राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज मनीष कौशिक (63 किग्रा) को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें ब्रिटेन के मुक्केबाज ल्यूक मैकोरमेक ने 4-1 से हराया।
दिव्यांश-दीपक ने किया निराश
पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भारत के निशानेबाज दीपक कुमार और दिव्यांश सिंह फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके। दोनों ही खिलाड़ी क्वालिफिकेशन मार्क को हासिल करने में नाकाम रहे।
टोक्यो ओलंपिक में सानिया मिर्जा और अंकिता की जोड़ी को महिला युगल स्पर्धा में हार का सामना करना पड़ा। पहला सेट 6-0 से जीतने वाली भारतीय जोड़ी को लिडमयला और नादिया किचनोक की जोड़ी ने दूसरे सेट में 6-7 और तीसरे सेट में 8-10 से हार का सामना करना पड़ा।
नौकायन: अर्जुन और अरविंद सेमीफाइनल में
भारत के अर्जुन लाल जाट और अरविंद सिंह ने पुरुषों की नौकायन लाइटवेट डबल स्कल्स स्पर्धा के रेपेशाज दौर में तीसरे स्थान पर रहकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी ने 6 : 51. 36 का समय निकाला। सेमीफाइनल्स 28 जुलाई को होंगे। बता दें कि नौकायन लाइटवेट डबल स्कल्स वर्ग में दो खिलाड़ी एक नाव में होते हैं और दो दो चप्पू का इस्तेमाल करते हैं। हर पुरुष प्रतिभागी का अधिकतम वजन 72.5 किलो और औसत वजन 70 किलो होना चाहिए। वहीं, महिला वर्ग में अधिकतम वजन 59 किलो और औसत 57 किलो होता है।
टोक्यो ओलंपिक की महिलाओं की बैडमिंटन स्पर्धा में भारत की पीवी सिंधु ने जीत का साथ आगाज किया। इस जीत के साथ वह अगले दौर में पहुंच गई हैं। उन्होंने इस मकुाबले में इस्रायल की केन्सिया पोलिकारपोवा को 21-7 और 21-10 के अंतर से आसानी से हरा दिया।
श्रीहरि नटराज-माना पटेल का अभियान थमा
टोक्यो ओलंपिक के तीसरे दिन भारतीय तैराकों श्रीहरि नटराज और माना पटेल का अभियान थम गया। ये दोनों तैराक अपनी अपनी स्पर्धाओं के सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे। श्रीहरि पुरुष 100 मीटर बैकस्ट्रोक हीट में 54.31 सेकंड के साथ छठे स्थान पर रहे। दूसरी तरफ माना ने महिला 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में एक मिनट 5.20 सेकंड का समय लिया।
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। इस स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज मनु भाकर और यशस्विनी सिंह ने देश को निराश किया। फाइनल में जाने के लिए दोनों को अंतिम आठ खिलाड़ियों में जगह बनाना जरूरी था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मनु भाकर 575 अंकों के साथ 12वें जबकि 574 अंकों के साथ यशस्विनी 13वें स्थान पर रहीं।
टेबल टेनिस में भी उसे निराशा हाथ लगी। देश के स्टार खिलाड़ी जी साथियान एकल स्पर्धा के दूसरे दौर में 95वीं रैंकिंग वाले हांगकांग के लाम सियु हांग से हार गए। सात सेट वाले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन अंत में बाजी लाम के हाथों में गई।
टोक्यो ओलंपिक में टेबल टेनिस स्पर्धा में मनिका बत्रा का शानदार खेल जारी है। आज दूसरे राउंड में उन्होंने यूक्रेन की मार्गरीटा पेसोत्स्का को हरा दिया। इस जीत के साथ वह तीसरे दौर में पहुंच गईं। पहले दो गेम हारने के बाद मनिका ने अपने प्रतिद्वंदी के खिलाफ जबरदस्त जीत दर्ज की। पहले दो गेम हारने के बाद बत्रा ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अगले दो गेम जीतकर ड्रा कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को हराने में सफलता हासिल की।
भारत की स्टार महिला बॉक्सर मैरी कॉम ने शानदार खेल दिखाते हुए अपनी प्रतिद्वंदी हर्नांडिज गार्सिया को 4-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ वह अंतिम 16 में प्रवेश कर गई हैं। अब मैरी कॉम का अगला मुकाबला 29 जुलाई को कोलंबिया की वालेंसिया विक्टोरिया से होगा।
मैरीकॉम पदक से दो कदम दूर
लंदन ओलंपिक 2012 में पदक जीत चुकीं एम सी मैरीकॉम अपने दूसरे ओलंपिक पदक से दो कदम दूर रह गई हैं। प्री-क्वार्टर में उनका सामना कोलंबिया की इनग्रिट वेलेंसिया से होगा जो रियो ओलंपिक की पदक विजेता हैं। अगर यह मुकाबला भी भारतीय मुक्केबाज जीतने में सफल रहती हैं तो क्वार्टर फाइनल में पहुंच जाएगी जहां एक और जीत उनके लिए पदक तय कर देगी।
मनिका प्री क्वार्टर में पहुंच चुकी हैं। वहां जीतने के बाद क्वार्टर फाइनल में जीत से सेमीफाइनल में पहुंचेंगी जहां जीत से फाइनल में पहुंचेगी लेकिन हार के बाद भी कांस्य की होड़ में रहेंगी। बैडमिंटन में सिंधू को ग्रुप दौर का एक और मैच खेलना है, यदि उसमें जीतती हैं तो प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। उसके बाद दो और जीत से सेमीफाइनल में पदक की संभावनाएं बनेंगी।