शैली को भारत की अगली अंतरराष्ट्रीय स्टार माना जा रहा है। शैली की सफलता के पीछे मां का बड़ा हाथ है। उनकी मां ने अकेले दम पाल पोसकर बड़ा किया। उनकी मां कपड़े सिलकर आजीविका चलाती हैं। बेटी के खेल को जारी रखने के लिए उन्होंने तमाम संघर्षों और आर्थिक दिक्कतों का सामना किया। शैली अभी बंगलूरू में लंबी कूद की प्रसिद्ध एथलीट अंजू बॉबी जार्ज की अकादमी में प्रशिक्षण लेती है। अंजू के पति बॉबी जार्ज उनके कोच हैं। शैली ने जून में 6.48 मीटर छलांग लगाकर राष्ट्रीय (सीनियर) अंतरराज्यीय चैंपियनशिप जीती थी।
शैली ने अंडर 20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आखिरी दिन रजत पदक जीता। इसके साथ ही नैरोबी में आयोजित इस विश्वस्तरीय टूर्नामेंट में भारत तीन मेडल जीतने में सफल रहा। शैली से पहले शनिवार को 4*400 मीटर रिले टीम ने कांस्य पदक तो 10000 मीटर रेस वॉक में अमित खत्री ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।