टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने की खुमारी उतारकर मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में नए अवतार में आने का फैसला किया है। वह स्नैच की उस तकनीक को तिलांजलि देने जा रही हैं जो अब तक उनके करियर में दर्द का कारण बनी रही है। इसी इरादे के साथ वह बुधवार को एनआईएस पटियाला में तैयारियां करने पहुंच गईं। टोक्यो के पदक विजेताओं में मीराबाई तैयारियां शुरू करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। कोच विजय शर्मा का कहना है कि मीरा को वापस फिटनेस पर लाने के लिए कम से कम 15 दिन लगेंगे। एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए मीरा स्नैच की नई तकनीक पर काम करेंगी। यह तकनीक ऐसी होगी जिससे उनके दांए कंधे पर दबाव नहीं पड़ेगा और यह एक ओर झुकेगा नहीं। एशियाई खेल कठिन होंगे। अगर मीरा को चीनी लिफ्टरों से पार पाना है तो उन्हें अपनी स्नैच को सुधारना ही होगा।
सफल रहीं तो बढ़ेगा मीरा का कुल वजन
मीरा भी मानती हैं कि नई तकनीक पर काम कर वह अपने कुल वजन को बढ़ा सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो उनके लिए शानदार होगा। मीरा ने कहा कि इतने सारे सम्मान समारोह के बाद वापस ट्रेनिंग हॉल में आना सुखद अहसाह है। मीरा अक्तूबर में सिंगापुर में होने वाली राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में खेलेंगी। उनका अगला लक्ष्य यही है। सफलता मिली तो स्नैच की नई तकनीक इसी चैंपियनशिप में अपना सकती हैं। नई तकनीक के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी होगी, लेकिन उन्हें उम्मीद है वह इसमें सफल रहेंगी।