टोक्यो ओलंपिक 2021 स्थगित होने से नरसिंह पंचम यादव के करिअर को संजीवनी मिल गई है। डोपिंग का दंश झेलने वाले इस पहलवान ने कहा कि वह इस मौके का पूरा फायदा उठाएंगे। भारतीय कुश्ती महासंघ ने कह दिया है कि वह अगर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें रोका नहीं जाएगा।
चार साल का प्रतिबंध जुलाई में खत्म करने वाले नरसिंह इस साल ओलंपिक नहीं खेल सकते थे। लेकिन अब कोविड 19 के चलते यह खेल अगले साल तक टल चुके हैं। ऐसे में वह 74 किलो वर्ग में दावा कर सकते हैं। इस वर्ग में भारत ने अभी कोटा हासिल नहीं किया है। महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा,‘हम उसे रोकेंगे नहीं अगर वह हमारे पास आकर भाग लेने की इच्छा जताते हैं। हमने इस पर बात की है। उसका प्रतिबंध पूरा हो चुका है और वह वापसी कर सकते हैं।’
नरसिंह पंचम
मेरा हमेशा से यह विश्वास था कि मैंने कुछ अलग नहीं किया है तो मेरे साथ कुछ गलत नहीं होगा। जीत सच की होती है। अब भगवान की कूपा से मुझे एक मौका और मिल सकता है। मुझे लगता था कि मैं ओलंपिक खेल सकता हूं। पता नहीं क्यों पर हमेशा लगता था। मैं अपनी वापसी पर पूरा फोकस कर रहा हूं ताकि टोक्यों में पदक जीत सकूं।
यह था मामला
रियो ओलंपिक से पहले उनके डोप टेस्ट में नाकाम रहने के बाद राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी (नाडा) ने स्वीकार कर लिया था कि उनके पेय पदार्थ में मिलावट की गई थी। उन्होंने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई भी किया लेकिन चोट के कारण ओलंपिक क्वालिफिकेशन से चूके दो बार के पदक विजेता सुशील कुमार ने ट्रायल की मांग की और नरसिंह को अदालत में घसीटा। उन्हें अगस्त 2016 में खेल पंचाट ने डोप टेस्ट में नाकाम रहने पर चार साल के प्रतिबंध की सजा सुनाई थी। रियो ओलंपिक में उनका मुकाबला शुरू होने से चंद घंटे पहले विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी (वाडा) की अपील पर यह सुनवाई हुई थी।