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Interview: शूटर रिदम सांगवान बोलीं- पूरे हिंदुस्तान का आशीर्वाद मेरे साथ है, ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करूंगी

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Wed, 03 Jul 2024 01:56 PM IST

सार

आईएसएसएफ शूटिंग विश्व कप में रिदम तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य समेत कुल पांच पदक जीत चुकी हैं। 20 साल की इस एथलीट से इस साल पेरिस ओलंपिक में पदक की आस है। पढ़ें, रिदम सांगवान से बातचीत के कुछ अंश-
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रिदम सांगवान - फोटो : PTI
दुनिया की सबसे बड़ी बहु-राष्ट्रीय प्रतियोगिता पेरिस ओलंपिक की शुरुआत 26 जुलाई से होने जा रही है। इसके लिए हर देश तैयारियों में जुटा हुआ है। भारतीय एथलीट्स भी इस मेगा इवेंट को लेकर जमकर तैयारी कर रहे हैं। कुछ एथलीट्स अपने देश में रहकर ही तैयारियों में जुटे हैं तो कुछ को विदेश भेजा गया है। इसी कड़ी में भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें अपने निशानेबाजों से है। भारत को सबसे पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक शूटिंग में ही मिला था, जब 2008 बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा ने स्वर्ण जीता था। इसके अलावा भी देश को गगन नारंग और विजय कुमार जैसे कुछ शीर्ष निशानेबाजों ने ओलंपिक में पदक दिलाए हैं। ऐसे में इस साल भी निशानेबाजी में भारत अपने सबसे बड़ा दल ओलंपिक के लिए भेज रहा है। इसी टीम का हिस्सा रिदम सांगवान भी हैं।
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रिदम सांगवान - फोटो : PTI
दुनिया की सबसे बड़ी बहु-राष्ट्रीय प्रतियोगिता पेरिस ओलंपिक की शुरुआत 26 जुलाई से होने जा रही है। इसके लिए हर देश तैयारियों में जुटा हुआ है। भारतीय एथलीट्स भी इस मेगा इवेंट को लेकर जमकर तैयारी कर रहे हैं। कुछ एथलीट्स अपने देश में रहकर ही तैयारियों में जुटे हैं तो कुछ को विदेश भेजा गया है। इसी कड़ी में भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें अपने निशानेबाजों से है। भारत को सबसे पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक शूटिंग में ही मिला था, जब 2008 बीजिंग ओलंपिक में अभिनव बिंद्रा ने स्वर्ण जीता था। इसके अलावा भी देश को गगन नारंग और विजय कुमार जैसे कुछ शीर्ष निशानेबाजों ने ओलंपिक में पदक दिलाए हैं। ऐसे में इस साल भी निशानेबाजी में भारत अपने सबसे बड़ा दल ओलंपिक के लिए भेज रहा है। इसी टीम का हिस्सा रिदम सांगवान भी हैं।

रिदम सांगवान - फोटो : PTI
रिदम पिछले साल हुए हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत चुकी हैं। इसके अलावा भी उनके नाम कई पदक हैं। रिदम निशानेबाजी में भी तीन स्पर्धाओं में खेलती हैं। 10 मीटर एयर पिस्टल के अलावा उन्हें 25 मीटर पिस्टल और 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में भी महारत हासिल है। हालांकि, पेरिस ओलंपिक में वह 10 मीटर एयर पिस्टल में हिस्सा लेंगी। रिदम विश्व चैंपियनशिप्स में एक स्वर्ण (2023 बाकू) और तीन रजत (2022 कायरो) पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा आईएसएसएफ विश्व कप में उन्होंने 2023 में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण अपने नाम किया था। आईएसएसएफ विश्व कप में वह तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य समेत कुल पांच पदक जीत चुकी हैं। 20 साल की रिदम से इस साल पेरिस ओलंपिक में पदक की आस है। पढ़ें, रिदम सांगवान से बातचीत के कुछ अंश-

रिदम सांगवान - फोटो : PTI/ISSF
सवाल: रिदम कैसी तैयारी है इस बार ओलंपिक की और आपकी तरफ से क्या खास रहने वाला है?
रिदम: इस बार तैयारी अच्छी चल रही है। अभी हम लग्जमबर्ग में थे पिछले कुछ दिनों से और अभी 10 दिन बाद हम दोबारा जाएंगे। ओलंपिक से पहले आई थिंक तैयारी अच्छी चल रही है। मेहनत भी जारी है और बेशक हमारा प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है।

सवाल: हम आमतौर पर देखते हैं कि एथलीट्स लक के तौर पर घर से कोई खास चीज अपने साथ ले जाते हैं। आप अपने घर से क्या कुछ ऐसा ले जा रही हैं?
रिदम: मैं अपने परिवार का, अपने कोच का, अपने रिश्तेदारों का, सबका आशीर्वाद लेकर जाऊंगी। मुझे लगता है कि यही सबसे अच्छा गिफ्ट है।

रिदम सांगवान - फोटो : PTI/ISSF
सवाल: कोई ऐसा संदेश जो घरवालों ने इस ओलंपिक से पहले आपको दिया हो?
रिदम: उन्होंने बस मुझे प्रेरित किया कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूं। पेरिस जाकर देश का नाम रोशन करूं।

सवाल: जैसे-जैसे ओलंपिक नजदीक आता है, तब क्या एथलीट्स के मन में कोई घबराहट या दबाव होता है? मेडल लाने का प्रेशर? उस दबाव को कम करने के लिए आप किस तरह से तैयारी करती हैं?
रिदम: दबाव लेने की जरूरत ही नहीं है। हम इसे एक अच्छे दबाव का सोच कर भी ले सकते हैं जो हमारे गेम के लिए अच्छा है। तो मैं बस इसको इस तरह से लेती हूं कि हिंदुस्तान के लोगों का आशीर्वाद मेरे साथ है। उनका मुझे समर्थन है। मुझे लगता है कि यह खेल के लिए बहुत अच्छा है।

रिदम सांगवान (बीच में) - फोटो : PTI/ISSF
सवाल: इस समय डाइट प्लान को कैसे मैनेज करती हैं? आप खुद को किस तरह से मोटिवेट करती हैं?
रिदम: डाइट प्लान कुछ नहीं है बस जंक फूड से परहेज कर रही हूं। मोटिवेट के बारे में क्या कहूं, क्योंकि हम ओलंपिक में जा रहे हैं। सबसे बड़ा स्टेज है तो मुझे लगता है कि इस इवेंट के लिए हर कोई अपने आप प्रेरित रहता है। इसके लिए अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं।

अमर उजाला से बात करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया। उम्मीद है कि आप देश के लिए स्वर्ण जीतेंगी और देश का नाम रोशन करेंगी। 
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