जिस उम्र में लोग लाठी और खाट पकड़ लेते हैं, उस उम्र में ट्रैक पर पदकों का अंबार लगाने वालीं 105 साल की एथलीट मनकौर का दिल का दौरा पड़ने से शनिवार को निधन हो गया। उनके पुत्र 83 साल के गुरुदेव सिंह ने बताया कि वह डेराबस्सी आयुर्वेदिक अस्पताल में भर्ती थीं और दोपहर लगभग एक बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 101 साल की उम्र में 2017 में विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स में विश्व चैंपियन बनीं। उन्होंने 1 मिनट 14.58 सेकंड का समय निकाला और इस प्रतियोगिता की सबसे उम्रदराज विजेता बनीं थीं। वह कहा करती थी जब तक जिंदगी है दौड़ूंगी और मेडल जीतूंगी। पिछले तीन माह से वह गॉल ब्लेडर के कैंसर से जूझ रही थीं। वह चंडीगढ़ की करिश्माई मां के रूप में विख्यात थीं।