वतन वापसी के बाद सम्मान समारोह में लवलीना ने कहा था, 'मैं घर वापस आकर बहुत खुश हूं। मुझे पता था कि भारत में लोग बहुत खुश होंगे लेकिन यहां वापस आने के बाद पहली बार इतना प्यार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं इस तरह के और पदकों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।'
असम के मुख्यमंत्री हेमंत विस्वा सरमा ने टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीन बोरगोहेन को डीएसपी (DSP) बनने का ऑफर दिया है। सीएम ने इसके साथ ही कहा है कि वो मुक्केबाज के नाम पर सड़क भी बनवाएंगे। इतना ही नहीं, लवलीना के नाम पर उनके होम टाउन में एक स्टेडियम भी बनाया जाएगा। वहीं, सीएम ने कहा कि लवलीना के कोच को 10 लाख रुपये दिया जाएगा।
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सेमीफाइनल में मिली थी हार
22 वर्षीय महिला मुक्केबाज लवलीना को सेमीफाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में पहली बार ओलंपिक खेल रही लवलीना ने पूरा जोर लगाया लेकिन बुसेनाज के खिलाफ ज्यादा कुछ नहीं कर पाईं। भारतीय मुक्केबाज को 0-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
असम की पहली एथलीट
लवलीना भले ही फाइनल में पहुंचने से चूक गईं, बावजूद इसके वह इतिहास रचने में सफल रहीं। वह अब ओलंपिक इतिहास में पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बनीं। यही नहीं वह 125 साल के ओलंपिक इतिहास में असम की पहली एथलीट हैं, जिन्होंने पदक जीता है।
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स्वदेश लौटने के बाद लवलीना ने क्या कहा
वतन वापसी के बाद सम्मान समारोह में लवलीना ने कहा था, 'मैं घर वापस आकर बहुत खुश हूं। मुझे पता था कि भारत में लोग बहुत खुश होंगे लेकिन यहां वापस आने के बाद पहली बार इतना प्यार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं इस तरह के और पदकों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।'