भारतीय महिला मुक्केबाज निवेदिता कार्की (48 किग्रा) और तमन्ना (50 किग्रा) ने एशियाई युवा एवं जूनियर मुक्केबाजी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया। दोनों खिलाड़ियों ने जोर्डन के अम्मान में चल रही चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन रेणु (52 किग्रा) को सेमीफाइनल में हार के कारण कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय महिला मुक्केबाज निवेदिता कार्की (48 किग्रा) और तमन्ना (50 किग्रा) ने एशियाई युवा एवं जूनियर मुक्केबाजी प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया। दोनों खिलाड़ियों ने जोर्डन के अम्मान में चल रही चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। वहीं रेणु (52 किग्रा) को सेमीफाइनल में हार के कारण कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पिछली बार की रजत पदक विजेता निवेदिता और तमन्ना ने अपने सेमीफाइनल मुकाबलों में विपरीत अंदाज में जीत दर्ज की।
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निवेदिता को जहां थाईलैंड की रनरारिट ग्रेसी के खिलाफ 4-1 से जीत के लिए संघर्ष करना पड़ा वहीं तमन्ना ने शानदार प्रदर्शन किया और कजाकिस्तान की अनीता आदिशेवा पर 5-0 से आसान जीत दर्ज की। रेणु युवा वर्ग के एक अन्य सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान की मुनव्वर फोजिलोवा से 0-5 से हार गई।
भारतीय महिला मुक्केबाजों ने सभी 12 भार वर्गों में पदक पक्के किए हैं जबकि पुरुषों ने छह पदक पक्के कर लिए हैं। इससे युवा वर्ग में देश के पदकों की संख्या 18 हो गई है। जूनियर वर्ग में भारत ने कुल 21 पदक पक्के किये हैं। इनमें लड़कियों के वर्ग में 12 और लड़कों के वर्ग में नौ पदक शामिल हैं।
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लड़कियों के जूनियर सेमीफाइनल में पिछली बार की चैंपियन निकिता चंद (60 किग्रा) ने मंगलवार की रात को पहले दौर में जॉर्डन की एसेल महमूद को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
सुप्रिया देवी थोकचोम (54 किग्रा), विधि (57 किग्रा), श्रुष्टि साठे (63 किग्रा), रुद्रिका (75 किग्रा) और खुशी पूनिया (80 किग्रा) ने भी अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते।
कृष्णा वर्मा (70 किग्रा) अकेली भारतीय थी, जिन्हें मंगलवार को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें कांस्य पदक मिला। जूनियर वर्ग में कुल 11 भारतीय लड़कियों ने फाइनल में जगह बनायी है।