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Mirabai Chanu: टोक्यो नहीं दोहरा पाईं मीराबाई चानू, की दमदार वापसी, लेकिन इस वजह से पदक जीतने से चूकीं

Thu, 08 Aug 2024 01:51 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

मीराबाई ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और उससे पहले 2020 टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीता था। हालांकि, पेरिस में वह पदक इसलिए नहीं जीत सकीं, क्योंकि वह पीरियड्स से गुजर रही थीं।
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मीराबाई चानू - फोटो : Twitter
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विस्तार
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टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली भारोत्तोलक मीराबाई चानू बुधवार को यहां पेरिस ओलंपिक के 49 किलोग्राम वर्ग में चौथे स्थान पर रहते हुए पदक से चूक गईं। मीराबाई ने स्नैच में 88 और क्लीन एवं जर्क में 111 से कुल 199 किग्रा का वजन उठाया। इससे वह महज एक किलोग्राम से पदक से चूक गईं। मैच के बाद उन्होंने मेडल नहीं जीत पाने की वजह बताई है। 
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मीराबाई ने मैच के बाद ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर्स से कहा, 'मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। मैंने भारत के लिए पदक जीतने की कोशिश की। चोट के बाद ठीक होने के लिए मुझे बहुत कम समय मिला। हालांकि, इसके बावजूद मैं अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रही। लेकिन यह मेरा दिन नहीं था और जीत मेरी किस्मत में नहीं थी। यह मेरे पीरियड्स का तीसरा दिन था और इसलिए मैं थोड़ा कमजोर महसूस कर रही थी।


स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार चीन की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन होउ झिहुई ने क्लीन एवं जर्क में ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने कुल 206 ( स्नैच 89, क्लीन एवं जर्क 117) किग्रा वजन उठाया। रोमानिया की वालेंटिना कैम्बेई 206 (93 और 112) किग्रा से रजत और थाईलैंड की सुरोदचना खाम्बो 200 (88 और 112) किग्रा के वजन से कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
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कूल्हे की चोट से उबरने के बाद वापसी कर रहीं मीराबाई ने स्नैच में पहले प्रयास में आसानी से 85 किग्रा वजन उठाया और दूसरे प्रयास में 88 किग्रा उठाने में विफल रहीं। पर तीसरे प्रयास में उन्होंने 88 किग्रा का वजन उठाकर बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के स्नैच के प्रदर्शन की बराबरी की। मीराबाई क्लीन एवं जर्क के पहले प्रयास में 111 का वजन उठाने में विफल रही। पर दूसरे प्रयास में वह सफल रहीं। पर तीसरे और अंतिम प्रयास में 114 किग्रा का वजन नहीं उठा सकीं।

मीराबाई ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और उससे पहले 2020 टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीता था। 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने स्नैच राउंड में सबसे ज्यादा 88 किलो का वजन और क्लीन एंड जर्क राउंड में 113 किलो का वजन उठाया। उन्होंने कुल मिलाकर 201 किलो का वजन उठाया। मीराबाई ने टोक्यो ओलंपिक में देश को वेटलिफ्टिंग में 21 साल बाद ओलंपिक मेडल दिलाया था। टोक्यो ओलंपिक में मीरा ने 49 किलोग्राम वेट कैटेगरी में कुल 202 किलो का वजन उठाया था और रजत पदक अपने नाम किया था। उनसे पहले 2000 सिडनी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ने कांस्य पदक जीता था। चानू का 49 किग्रा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कुल 203 किग्रा (स्नैच: 88 किग्रा, क्लीन एंड जर्क: 115 किग्रा) का है, जो उन्होंने 2020 में फरवरी में नेशनल चैंपियनशिप में बनाया था।
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