अमर उजाला के 'संवाद : उत्तर प्रदेश' कार्यक्रम में मंगलवार को भारतीय युवा निशानेबाज मनु भाकर पहुंची। 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 70 से अधिक राष्ट्रीय पदक जीत चुकी मनु 2021 में हुए ओलंपिक में सातवें स्थान पर रहीं थीं। 2023 में मनु ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। इस दौरान उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों को लेकर चर्चा की।
'मेरे पास अपनी पिस्टल नहीं थी..'
मनु ने खुलासा किया कि उन्होंने पहला नेशनल किराए पर पिस्टल लेकर खेला था। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह पिस्टल किसकी थी। मनु ने कहा, "शुरू-शुरू में जब आपके पास लाइसेंस नहीं होता है या फिर आर्थिक रुप से आप उतने सक्षम नहीं होते हो तो शूटर्स पिस्टल किराए पर ले लेते हैं। वैसे ही मैंने अपना पहला नेशनल खेला था किराए पर पिस्टल लेकर। वह पिस्टल विनीत सर की थी और वह अभी भी शूटिंग करते हैं। तो मैंने उनसे पिस्टल ली थी और नेशनल खेला था।"
'खराब परिस्थितियों का डटकर सामना करो..'
इस दौरान उन्होंने बताया कि पिस्टल का ट्रिगर कितना अंदर होता है, इस बात की भी जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि किराए पर ली गई पिस्टल में उन्हें ग्रिप बनाने में दिक्कत होती थी, इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और परिस्थितियों से जूझते हुए इस मुकाम तक पहुंची। मनु ने कहा, "मुझे बकायदा ग्रिप तो बहुत दूर की बात है ये पता भी नहीं था कि ट्रिगर कितना अंदर होता है 10 मीटर और 25 मीटर में कितना फर्क होता है। वैसे ही मैंने वहां से शुरू किया था। धीरे-धीरे जब तक अपनी खुद की पिस्टल नहीं आई तब तक मैं संघर्ष करती रही इसमें ग्रिप नहीं बनी या ये नहीं हुआ। लेकिन मैंने सोचा कि जैसे-तैसे करके मैं चला लूंगी। आपके अदंर एक भूख होनी चाहिए कि कोई भी परिस्थिति आए तो भी मुझे ये करना है। अगर आप उस चीज को जारी रखते हैं तो कुछ भी कर सकते हैं।"