लखनऊ में अमर उजाला संवाद का आयोजन हो रहा है। इस कार्यक्रम में कई नामी हस्तियां शामिल हो रही हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को भारत की स्टार शूटर और ओलंपियन मनु भाकर भी कार्यक्रम का हिस्सा बनीं। उन्होंने अपने करियर और अपने निजी जीवन से जुड़ी तमाम बातें साझा की। मनु ने इस दौरान बताया कि उनके माता-पिता ने उनको इस मुकाम तक पहुंचने में सहायता की।
माता-पिता करें बच्चों को समर्थन
मनु ने बताया कि किसी खिलाड़ी का सफर उसकी मां से शुरु होता है। अगर माता-पिता बच्चों का समर्थन करते हैं तो उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलती है। मनु ने कहा, "मैं मानती हूं किसी खिलाड़ी का सफर उसके घर पर उसकी मां से शुरू होता है। अगर माता-पिता उसे मौके नहीं देंगे तो कैसे होगा। अगर कल को मैं अपने घर पर जाऊं और कहूं कि यह स्पोर्ट्स छोड़कर पढ़ाई करना चाहती हूं तो वो सोचेंगे कल ही तो मेडल जीता आज फिर क्यों। लेकिन मेरे माता-पिता ने कभी ऐसा नहीं किया। उन्होंने मुझे मेरी मर्जी से चीजें करने दीं।"
युवाओं को दिया गुरु मंत्र
इस दौरान मनु ने युवा खिलाड़ियों को अनुशासन का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "अगर कुछ हासिल करना है तो जिंदगी में अनुशासन होना चाहिए। कोई कल नहीं आता। आपको इस चीज को पकड़ कर रखना है कि कोई चीज करनी है तो करनी है। दृढ़ संकल्प लीजिए। आप अपने स्ट्रगल के बारे में निगेटिव मत सोचिए, बस अपने लक्ष्य के पीछे जाइए। ये सोचिए की जो आप सफर कर रहे हैं वो आगे चलकर आपकी कहानी बनने वाली है। तो बस अपने लक्ष्य के पीछे लग जाएं।"