इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) में की गई महिला डबल्स की उपेक्षा ने ज्वाला गट्टा और अश्वनी पोनप्पा को मिलाने का काम कर दिया है।
पहले कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण और उसके बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने का कारनामा कर दिखाने वाली इस जोड़ी ने मंगलवार को आईबीएल के मंच से ही डबल्स के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार पर अपना गुस्सा सामने रख दिया।
एक तो इस आईबीएल में महिला डबल्स के मुकाबले नहीं रखे गए हैं ऊपर से दोनों का ही बेस प्राइज 50 से घटाकर 25 हजार डॉलर करना पड़ा।
ज्वाला ने कहा कि यह सही है कि बैडमिंटन देश में प्रगति कर रहा है लेकिन डबल्स को लेकर न तो माहौल है और न ही कोई सिस्टम है। डबल्स को लेकर कुछ परिवर्तन की जरूरत है।
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ज्वाला ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि उनकी जोड़ी ने दो बड़े कारनामे किए। बावजूद इसके उनके पास कोई प्रायोजक नहीं आया। अश्वनी ने भी ज्वाला के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि डबल्स को प्रमुखता दिए जाने की जरूरत है।
इस जोड़ी ने पिछले कुछ समय से अपने अलग रास्ते तो बना लिए। लेकिन उन्होंने अब फिर साथ खेलने का निर्णय ले लिया है।
पहले के मुकाबले अपना वजन काफी कम करने वाली ज्वाला ने खुलासा किया कि इस वर्ष अक्टूबर से उन दोनों ने एक साथ खेलने की योजना बनाई है। यह सब आपसी बातचीत से संभव हुआ है। यह जोड़ी बैडमिंटन में भारत की सबसे सफल जोड़ी रही है।